चौराहे पर शराब का ठेका महिलाओं और बच्चों के लिया बना खतरा ग्रामीणों में अब आंदोलन की आग!

राजस्थान के फलौदी (घंटियाली तहसील) के चंपासर गांव में चौराहे पर स्थित शराब ठेका ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। महिलाएं-बच्चे असुरक्षित, मंदिर के पास हंगामा, दुर्घटनाएं बढ़ीं। दर्जनों ग्रामीणों ने धरना देकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा, ठेका हटाने की मांग की, कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।

Basanti Parmar
Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
November 9, 2025 • 9:26 PM  89
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चौराहे पर शराब का ठेका  महिलाओं और बच्चों के लिया बना खतरा ग्रामीणों में अब आंदोलन की आग!
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9 Nov 2025
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चौराहे पर शराब का ठेका  महिलाओं और बच्चों के लिया बना खतरा ग्रामीणों में अब आंदोलन की आग!

फलौदी, 9 नवंबर 2025 : राजस्थान के फलौदी जिले के घंटियाली तहसील स्थित चंपासर गांव में शराब का ठेका ग्रामीणों की जिंदगी में जहर घोल रहा है। ग्राम चौराहा पर स्थित यह ठेका न सिर्फ महिलाओं और बच्चों के लिए खतरा बन चुका है, बल्कि नजदीकी मंदिर आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को भी रोजमर्रा की परेशानी झेलनी पड़ रही है। दर्जनों ग्रामीणों ने आज धरना प्रदर्शन कर ठेके को हटाने की मांग की, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन भेजा है, जिसमें तत्काल ठेका स्थानांतरित करने की गुहार लगाई गई है।

ठेके ने चौराहा बना दिया 'उत्पात का अड्डा'

चंपासर गांव का मुख्य चौराहा, जो कभी शांतिपूर्ण व्यापारिक केंद्र था, अब शराबियों के हंगामे का शिकार हो गया है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, ठेका खुलने के बाद से शाम ढलते ही चौराहा शराबियों का अड्डा बन जाता है। नशे में धुत लोग आपस में झगड़ते हैं, गाली-गलौज करते हैं और कभी-कभी तो मारपीट तक हो जाती है। एक बुजुर्ग ग्रामीण रामलाल ने बताया, "हमारा गांव छोटा-सा है, यहां सब एक-दूसरे के जानने वाले हैं। लेकिन यह ठेका खुलने से रातों की नींद हराम हो गई। शराबी सड़क पर ही लेट जाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।"गांव की महिलाओं ने अपनी व्यथा कुछ यूं बयां की: "बच्चों को स्कूल भेजना हो या बाजार जाना हो, हर कदम पर डर लगता है। शराबी बिना शर्म के गंदे इशारे करते हैं, कभी-कभी तो पीछा भी कर लेते हैं।" एक महिला, सरिता देवी ने कहा कि ठेके के कारण उनके घर का कोई पुरुष बाहर निकलते ही नशे की चपेट में आ जाता है, जिससे पारिवारिक कलह बढ़ गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेका आवंटन के समय कोई सर्वे नहीं किया गया, अन्यथा इतने संवेदनशील स्थान पर कभी अनुमति न मिलती।

Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

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