निजता पर कांग्रेस का रोना ढकोसला: गोदारा बोले, असली जासूसी तो पिछली सरकार में हुई थी
राजस्थान के मंत्री सुमित गोदारा ने विधानसभा में कैमरों से निजता हनन के कांग्रेस के आरोपों को निराधार बताया, कहा कि भजनलाल सरकार के शानदार काम से विपक्ष बौखलाया है। उन्होंने पूर्व कांग्रेस सरकार पर फोन टैपिंग के आरोप लगाए और पारदर्शिता पर जोर दिया।
राजस्थान के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने विपक्ष द्वारा विधानसभा में अतिरिक्त कैमरे लगाने को लेकर लगाए गए निजता हनन के आरोपों को पूरी तरह से निराधार और भ्रामक करार दिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली डबल इंजन सरकार ने पिछले 21 महीनों में "विकसित राजस्थान" के विजन को मजबूती प्रदान की है, जिसके चलते विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है। गोदारा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार में ही निजता का असली हनन हुआ था, जब तत्कालीन मुख्यमंत्री के आदेश पर फोन टैपिंग तक की गई थी।
कांग्रेस के आरोपों का गोदारा ने किया पलटवार
राजस्थान विधानसभा में अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर जासूसी और निजता के हनन का आरोप लगाया है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने इसे "जग्गा जासूस" करार देते हुए मामले की जांच के लिए राज्यपाल से मुलाकात की थी। इस पर पलटवार करते हुए गोदारा ने कहा, "जब टीकाराम जूली खुद कांग्रेस सरकार में मंत्री थे, तब तत्कालीन मुख्यमंत्री पर फोन रिकॉर्डिंग करवाने के आरोप लगे थे। यह सर्वविदित है कि जब तत्कालीन अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) ने फोन टैपिंग से इनकार किया, तो उन्हें हटा दिया गया और बाद में इनाम के तौर पर मुख्य सचिव बनाया गया।"
गोदारा ने आगे कहा कि कांग्रेस ने अपनी सरकार के दौरान विधानसभा की कार्यवाही का यूट्यूब पर प्रसारण शुरू किया था, जिसका उस समय भाजपा ने स्वागत किया था। उन्होंने सवाल उठाया, "अब जब विधानसभा में सभी सदस्यों की सुरक्षा और पारदर्शिता के लिए कैमरे लगाए गए हैं, तो कांग्रेस को इसमें क्या आपत्ति है? ये कैमरे किसी एक पार्टी के लिए नहीं, बल्कि सभी के लिए हैं।"