कांस्टेबल जितेंद्र कुंडारा ने पुलिस सेवा में अपमान और उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए सौंपा इस्तीफा.

सिरोही जिले के कांस्टेबल जितेंद्र कुंडारा ने पुलिस सेवा में अपमान और उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए एसपी को त्याग पत्र सौंपा। उन्होंने अपने पत्र में "पागल, अड़ियल, चटक" जैसे अपमानजनक शब्दों से संबोधन और स्वाभिमान को ठेस पहुंचने की बात कही। जितेंद्र ने कर्तव्यनिष्ठा से काम करने का दावा किया, लेकिन विभागीय नीतियों और हाल के तबादलों से नाराज होकर यूपीएससी की तैयारी के लिए नौकरी छोड़ने का फैसला लिया। यह घटना पुलिस विभाग में उत्पीड़न और मनोबल के मुद्दों को उजागर करती है।

Basanti Parmar
Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
September 9, 2025 • 8:51 AM  25
राजस्थान
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कांस्टेबल जितेंद्र कुंडारा ने पुलिस सेवा में अपमान और उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए सौंपा इस्तीफा.
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9 Sep 2025
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कांस्टेबल जितेंद्र कुंडारा ने पुलिस सेवा में अपमान और उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए सौंपा इस्तीफा.

सिरोही जिले के पुलिस महकमे में एक सनसनीखेज घटना ने सभी का ध्यान खींचा है, जहां कांस्टेबल जितेंद्र कुंडारा ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) को अपना त्याग पत्र सौंपकर नौकरी छोड़ने की इच्छा जताई है। यह घटना सोमवार, 8 सितंबर 2025 को दोपहर करीब 1 बजे की है, जब जितेंद्र ने अपने त्याग पत्र में पुलिस सेवा में अपने साथ हुए अपमान और उत्पीड़न का मार्मिक वर्णन किया। इस पत्र ने न केवल सिरोही पुलिस विभाग में हलचल मचा दी है, बल्कि कार्यस्थल पर सम्मान और मनोबल जैसे गंभीर मुद्दों को भी उजागर किया है।

त्याग पत्र में क्या लिखा जितेंद्र ने?

जितेंद्र कुंडारा ने अपने पत्र में बेहद भावुक और स्पष्ट शब्दों में अपनी पीड़ा व्यक्त की। उन्होंने लिखा कि पुलिस सेवा में उनके स्वाभिमान को बार-बार ठेस पहुंचाई गई। उन्हें "पागल, अड़ियल और चटक" जैसे अपमानजनक शब्दों से संबोधित किया गया, जिसने उनकी अस्मिता को गहरी चोट पहुंचाई। जितेंद्र ने यह भी उल्लेख किया कि उन्होंने अपने कांस्टेबल के पद के अनुरूप हमेशा पूरी निष्ठा और लगन से काम किया और अपना सर्वस्व दिया, लेकिन बदले में उन्हें सम्मान के बजाय अपमान और तिरस्कार मिला।उन्होंने अपने पत्र में यह भी जिक्र किया कि पुलिस विभाग में एक कांस्टेबल का कोई वजूद नहीं है। इस निराशा और असंतोष के चलते, जितेंद्र ने पुलिस सेवा को छोड़ने का फैसला लिया और अब वे यूपीएससी (संघ लोक सेवा आयोग) की तैयारी करना चाहते हैं। उन्होंने एसपी से अपने त्याग पत्र को स्वीकार करने और उन्हें इस "बोझ" से मुक्ति दिलाने की भावनात्मक अपील की।

Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

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