भरोसे का खेल, ठगी का मेल: जुड़वां भाइयों की जोधपुर में सनसनीखेज धोखाधड़ी का पर्दाफाश
जोधपुर के सदर बाजार में पश्चिम बंगाल के जुड़वां भाइयों, शेख समीम बादशाह और शेख नसीम बादशाह, ने 13 ज्वैलर्स से 80 तोला सोना, 30 किलो चांदी, और 28 लाख रुपये की ठगी । 2022 से एनएस ज्वैलर्स में काम करते हुए, उन्होंने सस्ते आभूषण बनाने का लालच देकर व्यापारियों का भरोसा जीता और 6 अप्रैल 2025 को माल लेकर फरार हो गए। सदर बाजार पुलिस ने 5 जुलाई 2025 को दोनों को गिरफ्तार किया। कोर्ट ने एक सप्ताह का रिमांड दिया, और पुलिस माल बरामदगी व नेटवर्क उजागर करने में जुटी है। यह घटना व्यापारियों के लिए सतर्कता की चेतावनी है।
जोधपुर, 6 जुलाई 2025: राजस्थान के जोधपुर के प्रसिद्ध सदर बाजार में एक ऐसी ठगी की घटना ने व्यापारी समुदाय को हिलाकर रख दिया, जिसने विश्वास और व्यापार की नींव को झकझोर दिया। पश्चिम बंगाल के हुगली जिले से आए शातिर जुड़वां भाइयों, शेख समीम बादशाह और शेख नसीम बादशाह, ने अपनी चालाकी और मासूम चेहरों से पहले व्यापारियों का भरोसा जीता और फिर 80 तोला सोना, 30 किलो चांदी, और 28 लाख रुपये की नकदी लेकर रातोंरात गायब हो गए। लेकिन जोधपुर की सदर बाजार थाना पुलिस की मुस्तैदी ने आखिरकार इन ठगों को 5 जुलाई 2025 को धर दबोचा, जिससे व्यापारियों ने राहत की सांस ली।
ठगी की सनसनीखेज कहानी: विश्वास का खेल और धोखे की साजिश
यह सनसनीखेज मामला तब शुरू हुआ, जब 2022 में शेख समीम बादशाह और शेख नसीम बादशाह ने जोधपुर के घोड़े का चौक स्थित एनएस ज्वैलर्स में काम शुरू किया। दोनों भाइयों ने अपनी मेहनत और मधुर व्यवहार से जल्द ही व्यापारियों के बीच अपनी पहचान बना ली। उन्होंने सस्ते दामों पर शानदार सोने-चांदी के आभूषण बनाने का लालच देकर व्यापारियों को अपने जाल में फंसाया। प्रकाश सोनी सहित 13 प्रमुख ज्वैलर्स ने इन भाइयों पर भरोसा करते हुए उन्हें भारी मात्रा में सोना, चांदी, और नकदी सौंप दी। भाइयों ने व्यापारियों को आकर्षक ऑफर दिए, जिसमें कम कीमत पर उच्च गुणवत्ता वाले गहने बनाने का वादा शामिल था। लेकिन यह सब एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा था। 6 अप्रैल 2025 की रात को, दोनों भाई सारा माल लेकर अचानक गायब हो गए। अगले दिन, 7 अप्रैल को जब व्यापारियों को ठगी का अहसास हुआ, तो उन्होंने तुरंत सदर बाजार थाने में शिकायत दर्ज की। इस घटना ने जोधपुर के ज्वैलरी बाजार में हड़कंप मचा दिया।