खींवसर में बाढ़ से फसल तबाही: एनएसयूआई के नेतृत्व में किसानों का भूख हड़ताल और धरना प्रदर्शन
खींवसर में बाढ़ से फसल तबाही के विरोध में एनएसयूआई के अनिल सारण के नेतृत्व में 13 अगस्त को एसडीएम कार्यालय के सामने भूख हड़ताल और धरना होगा। किसान 2023 के बकाया मुआवजे और तत्काल राहत की मांग करेंगे।
राजस्थान के खींवसर क्षेत्र में हाल ही में हुई भारी बारिश और बाढ़ ने किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। धान, बाजरा, और अन्य खरीफ फसलों के डूबने से किसानों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। इस आपदा के विरोध में और 2023 के बकाया मुआवजे की मांग को लेकर, एनएसयूआई (नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया) के प्रदेश महासचिव अनिल सारण के नेतृत्व में 13 अगस्त 2025 को खींवसर के एसडीएम कार्यालय के सामने भूख हड़ताल और विशाल धरना प्रदर्शन का आयोजन किया जाएगा।
बाढ़ से फसल तबाही: किसानों की स्थिति
खींवसर क्षेत्र में मानसून की अत्यधिक बारिश और जलभराव के कारण सैकड़ों एकड़ में लगी फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। स्थानीय किसानों का कहना है कि खेतों में पानी जमा होने से धान और अन्य फसलों को भारी नुकसान हुआ है, जिससे उनकी साल भर की मेहनत पर पानी फिर गया है। कई किसानों ने बताया कि जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण यह समस्या और गंभीर हो गई है।
किसान रामलाल ने कहा, "हमारी पूरी फसल पानी में डूब गई है। नहरों और नालों की सफाई न होने से पानी खेतों में जमा हो गया, और अब हमारे पास आय का कोई साधन नहीं बचा।" एक अन्य किसान, श्यामलाल, ने बताया कि बाढ़ ने न केवल उनकी फसलों को नष्ट किया, बल्कि उनके परिवार की आजीविका पर भी संकट मंडरा रहा है।