कोमा में पति, फिर भी मां बनने का रास्ता साफ—दिल्ली हाई कोर्ट का ऐतिहासिक IVF फैसला
दिल्ली हाई कोर्ट ने कोमा में मौजूद सैनिक की पत्नी को IVF के जरिए मां बनने की अनुमति दी। कोर्ट ने इसे महिला के अधिकार और मानवीय पहलू से जुड़ा अहम फैसला बताया।
दिल्ली हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील मामले में सुनवाई करते हुए कोमा में पड़े सैनिक की पत्नी को इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन (IVF) के जरिए मां बनने की अनुमति दे दी है।
मामला एक ऐसे सैनिक से जुड़ा है, जो गंभीर दुर्घटना के बाद “पर्सिस्टेंट वेजिटेटिव स्टेट” में चला गया था और डॉक्टरों के अनुसार उसके ठीक होने की संभावना लगभग न के बराबर है।
याचिकाकर्ता पत्नी ने कोर्ट में बताया कि उन्होंने और उनके पति ने साल 2023 में आपसी सहमति से संतान प्राप्ति के लिए IVF प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया था। लेकिन बाद में पति के गंभीर रूप से बीमार हो जाने के कारण प्रक्रिया रोक दी गई थी।