दिल्ली पुलिस की सब-इंस्पेक्टर नीतू बिष्ट 20 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार!"

दिल्ली के पश्चिम विहार में सब-इंस्पेक्टर नीतू बिष्ट को 20 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए विजिलेंस टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया। नीतू और तीन अन्य पुलिसकर्मियों ने एक शैक्षिक कंसल्टेंसी संचालक से धमकी देकर रिश्वत वसूली। विजिलेंस ने शिकायत पर जाल बिछाकर कार्रवाई की। जांच जारी है, और अन्य संलिप्त अधिकारियों की तलाश की जा रही है।

Basanti Parmar
Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
August 1, 2025 • 3:53 PM  72
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दिल्ली पुलिस की सब-इंस्पेक्टर नीतू बिष्ट 20 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार!"
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1 Aug 2025
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दिल्ली पुलिस की सब-इंस्पेक्टर नीतू बिष्ट 20 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार!"

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के पश्चिम विहार थाना क्षेत्र में दिल्ली पुलिस की एक महिला सब-इंस्पेक्टर नीतू बिष्ट को 20 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए भ्रष्टाचार निरोधक (विजिलेंस) टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस सनसनीखेज मामले ने दिल्ली पुलिस की छवि पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नीतू बिष्ट पर आरोप है कि उन्होंने एक मामले में पक्षपात रहित कार्रवाई के बदले भारी-भरकम रकम की मांग की थी। इस मामले में उनके साथ तीन अन्य पुलिसकर्मियों और एक बिचौलिए को भी हिरासत में लिया गया है। आइए जानते हैं इस मामले की पूरी कहानी और कैसे विजिलेंस विभाग ने इस घूसखोरी के जाल को तोड़ा।

यह घटना 25 जुलाई 2025 की है, जब दिल्ली में एक शैक्षिक कंसल्टेंसी कंपनी चलाने वाले डॉ. नीरज कुमार सिंह ने पश्चिम विहार ईस्ट थाने में तैनात सब-इंस्पेक्टर नीतू बिष्ट और उनके सहयोगियों के खिलाफ विजिलेंस विभाग में शिकायत दर्ज की। डॉ. नीरज ने आरोप लगाया कि नीतू बिष्ट और उनके साथी पुलिसकर्मियों ने उनसे अवैध रूप से 20.5 लाख रुपये की वसूली की। शिकायत के अनुसार, नीतू बिष्ट ने एक आपराधिक मामले में डॉ. नीरज को फंसाने की धमकी देकर उनसे रिश्वत की मांग की थी।शिकायत में बताया गया कि 25 जुलाई की सुबह करीब 10 बजे, तीन लोग डॉ. नीरज के कार्यालय में घुसे। इनमें से एक पुलिसकर्मी, विशाल चिल्लर, वर्दी में था, जबकि दो अन्य सादे कपड़ों में थे। इनमें से एक की पहचान रोहिणी सेक्टर-3 के निवासी अजय कश्यप के रूप में हुई, जो इस साजिश में बिचौलिया था। इन लोगों ने ऑफिस में घुसते ही जबरदस्ती सीसीटीवी कैमरे बंद करवाए और डीवीआर की तारें निकाल दीं। इसके बाद, उन्होंने डॉ. नीरज पर अवैध गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया और 50 लाख रुपये की मांग की।

कैसे हुई रिश्वत की वसूली?

Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

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