रणवीर सिंह के लीगल नोटिस के बाद FWICE ने वापस लिया नॉन-कोऑपरेशन, कहा- हमारे पास बैन का अधिकार नहीं
डॉन 3 विवाद में FWICE ने रणवीर सिंह के खिलाफ लगाया गया नॉन-कोऑपरेशन वापस ले लिया है। लीगल नोटिस और इंडस्ट्री संगठनों की अपील के बाद मामला शांत होता दिख रहा है, हालांकि 40 करोड़ रुपये का विवाद अभी भी चर्चा में है।
नई दिल्ली में फरहान अख्तर की फिल्म डॉन 3 को लेकर शुरू हुआ विवाद अब धीरे-धीरे शांत होता नजर आ रहा है, लेकिन इस पूरे मामले ने फिल्म इंडस्ट्री में कई सवाल खड़े कर दिए थे। विवाद तब शुरू हुआ जब रणवीर सिंह के फिल्म से अलग होने के बाद FWICE (Federation of Western India Cine Employees) ने उनके खिलाफ नॉन-कोऑपरेशन (असहयोग) का ऐलान कर दिया था। इस फैसले ने इंडस्ट्री में हलचल मचा दी थी और कई संगठनों ने इस पर आपत्ति भी जताई थी।
FWICE के इस कदम के बाद मामला और गंभीर तब हो गया जब रणवीर सिंह ने 2 जून को संगठन को एक कानूनी नोटिस (Legal Notice) भेज दिया। इस नोटिस में उनके खिलाफ लिए गए नॉन-कोऑपरेशन फैसले को चुनौती दी गई थी। इसके बाद इंडस्ट्री के कई बड़े संगठन जैसे CINTA, IMPPA और प्रोड्यूसर्स गिल्ड ने भी इस मामले में हस्तक्षेप किया और FWICE से अपील की कि इस फैसले पर पुनर्विचार किया जाए।
इसी दबाव और आपसी बातचीत के बीच 3 जून को FWICE ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की, जिसमें संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हुए। इनमें अशोक पंडित, अशोक दुबे और उपासना सिंह प्रमुख रूप से मौजूद थे। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान FWICE की ओर से बड़ा ऐलान करते हुए कहा गया कि रणवीर सिंह के खिलाफ लगाया गया नॉन-कोऑपरेशन अब वापस ले लिया गया है।