डॉ. सतीश पूनिया बने राज्यसभा उम्मीदवार: जानिए छात्र राजनीति से दिल्ली तक का लंबा सफर
बीजेपी ने राजस्थान से राज्यसभा चुनाव के लिए डॉ. सतीश पूनिया को उम्मीदवार घोषित किया है। छात्र राजनीति से शुरू हुआ उनका सफर अब दिल्ली की सबसे बड़ी पंचायत तक पहुंचने जा रहा है। आमेर से लेकर संगठन और चुनावी राजनीति तक उनकी लंबी यात्रा पर एक नजर।
जयपुर। राजस्थान की राजनीति में इस समय सबसे बड़ी खबर सामने आई है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने राज्यसभा चुनाव 2026 के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा करते हुए राजस्थान से डॉ. सतीश पूनिया को मैदान में उतारा है। यह फैसला न सिर्फ पार्टी की रणनीति को दर्शाता है, बल्कि संगठन में वर्षों से काम कर रहे नेताओं को सम्मान देने की दिशा में भी एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
डॉ. सतीश पूनिया का राजनीतिक सफर किसी प्रेरणादायक कहानी से कम नहीं है। छात्र राजनीति से शुरू हुआ उनका यह सफर आज देश की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक संस्था राज्यसभा तक पहुंचने जा रहा है। जयपुर के महाराजा कॉलेज और राजस्थान विश्वविद्यालय से अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू करने वाले पूनिया लंबे समय तक छात्र राजनीति में सक्रिय रहे और धीरे-धीरे बीजेपी संगठन में अपनी मजबूत पहचान बनाई।
छात्र राजनीति से शुरुआत
1982 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़कर उन्होंने राजनीति की शुरुआत की। महाराजा कॉलेज में इकाई अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने छात्र हितों के मुद्दों को मजबूती से उठाया। 1989 में राजस्थान विश्वविद्यालय छात्रसंघ के महासचिव बनने के बाद वे प्रदेशभर में एक उभरते युवा नेता के रूप में पहचाने जाने लगे।