घटना का पृष्ठभूमि और ड्रग फैक्ट्री का खुलासा: यह मामला चौहटन के इंडो पाक बोर्डर के इलाके में चल रही अवैध ड्रग मैन्युफैक्चरिंग यूनिट से जुड़ा है। पिछले महीने पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि शहर के बाहरी इलाके में एक फैक्ट्री में बड़े पैमाने पर नशीली दवाओं का उत्पादन हो रहा है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने फैक्ट्री से 500 किलोग्राम से अधिक कच्चा माल, केमिकल्स और तैयार ड्रग्स बरामद किए थे। फैक्ट्री का अनुमानित टर्नओवर 100 करोड़ रुपये सालाना था, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में निर्यात के लिए तैयार की जा रही थी। फैक्ट्री के मालिक और ऑपरेटरों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था, लेकिन जांच के दौरान पता चला कि केमिकल्स की सप्लाई महाराष्ट्र के एक बड़े सप्लायर से हो रही थी। ये केमिकल्स ड्रग्स बनाने के लिए आवश्यक थे, जैसे कि एसिड, सॉल्वेंट्स और अन्य रसायन। बिना इन केमिकल्स के फैक्ट्री का संचालन असंभव था, इसलिए यह आरोपी फैक्ट्री का 'मास्टर सप्लायर' माना जा रहा है।
आरोपी की जानकारी और गिरफ्तारी; गिरफ्तार आरोपी का नाम रोहन प्रभाकर है, वह एक केमिकल ट्रेडर है और पिछले दो वर्षों से इस ड्रग फैक्ट्री को नियमित रूप से रसायन सप्लाई कर रहा था। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने नकली बिल और फर्जी कंपनियों के नाम से केमिकल्स की डिलीवरी की थी, ताकि उसका कनेक्शन छिपा रहे। पुलिस ने महाराष्ट्र पुलिस के सहयोग से 30 अक्टूबर को आरोपी के गोदाम पर छापा मारा। वहां से 200 लीटर से अधिक संदिग्ध केमिकल्स और ड्रग प्रोडक्शन से जुड़े दस्तावेज बरामद हुए। आरोपी को स्थानीय कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद बाड़मेर लाया गया। पूछताछ में उसने कबूल किया कि वह फैक्ट्री के मालिक से कमीशन के आधार पर जुड़ा था और कुल 50 लाख रुपये से अधिक की सप्लाई कर चुका था।
पेशी के दौरान ड्रामा: मुंह छिपाने की कोशिश1 नवंबर को बाड़मेर की अदालत में आरोपी की पेशी हुई। जैसे ही उसे कोर्ट ले जाया गया, उसने अपना चेहरा दुपट्टे से ढक लिया और सिर झुका लिया। यह नजारा देखकर कोर्ट परिसर में सनसनी फैल गई। पुलिस ने इसे मीडिया और गवाहों से बचाने की कोशिश बताया, लेकिन वकीलों ने इसे अपराधियों की आम चालाकी करार दिया। जज ने आरोपी को 7 दिनों की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है, ताकि ड्रग नेटवर्क के अन्य लिंक्स का पता लगाया जा सके।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच: बाड़मेर नारकोटिक्स सेल के इंचार्ज ने बताया कि यह गिरफ्तारी ड्रग माफिया के नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। पुलिस अब आरोपी के बैंक खातों, फोन रिकॉर्ड्स और संपर्कों की जांच कर रही है। संदेह है कि यह सप्लाई चेन दिल्ली, मुंबई और गुजरात तक फैली हुई है। यदि और सबूत मिले, तो अन्य राज्यों की पुलिस को भी शामिल किया जा सकता है। इसके अलावा, फैक्ट्री से बरामद ड्रग्स की वैल्यू 20 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। पुलिस ने कुल 12 लोगों को अब तक गिरफ्तार किया है, जिनमें फैक्ट्री वर्कर्स, ट्रांसपोर्टर और अब यह सप्लायर शामिल हैं। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) को भी इस केस में सूचित कर दिया गया है।