जेफरी एपस्टीन स्कैंडल: नई फोटोज का खुलासा और आने वाली बड़ी रिलीज
अमेरिकी हाउस ओवरसाइट कमिटी के डेमोक्रेट्स ने 18 दिसंबर 2025 को जेफरी एपस्टीन के एस्टेट से प्राप्त 95,000 इमेजेस में से 68 नई फोटोज जारी कीं। इनमें बिल गेट्स, नोम चॉम्स्की, स्टीव बैन्नन और अन्य हस्तियां एपस्टीन के साथ दिख रही हैं, साथ ही लोलिता किताब की लाइनें लिखी बॉडी, पासपोर्ट्स और टेक्स्ट मैसेजेस जैसी परेशान करने वाली इमेजेस शामिल हैं। यह रिलीज एपस्टीन फाइल्स ट्रांसपेरेंसी एक्ट के तहत हो रही है, जिस पर ट्रंप ने 19 नवंबर को साइन किया था। आज 19 दिसंबर को जस्टिस डिपार्टमेंट को सभी फाइल्स रिलीज करने की डेडलाइन है, जबकि गिस्लेन मैक्सवेल ने हाल ही में नई अपील दाखिल की है। कमिटी ने कहा कि फोटोज में दिखना अपराध का सबूत नहीं है, बल्कि ट्रांसपेरेंसी के लिए जारी की गई हैं।
जेफरी एपस्टीन से जुड़े सेक्स ट्रैफिकिंग स्कैंडल में एक बार फिर नया मोड़ आया है। अमेरिकी हाउस ओवरसाइट कमिटी के डेमोक्रेट्स ने 18 दिसंबर 2025 को एपस्टीन की एस्टेट से प्राप्त लगभग 95,000 इमेजेस में से एक नई बैच में करीब 68-70 फोटोज जारी की हैं। ये फोटोज एपस्टीन के नेटवर्क, उनकी गतिविधियों और कई प्रमुख हस्तियों के साथ उनके संबंधों को उजागर करती हैं। हालांकि, इन फोटोज में किसी को अपराध का दोषी ठहराने वाला कोई सीधा सबूत नहीं है, लेकिन ये पारदर्शिता के नाम पर जारी की गई हैं और कई सवाल खड़े कर रही हैं।
एपस्टीन स्कैंडल का संक्षिप्त बैकग्राउंड जेफरी एपस्टीन एक अमीर अमेरिकी फाइनेंशियर थे, जिन पर नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण और सेक्स ट्रैफिकिंग के गंभीर आरोप लगे थे। 2008 में उन्हें फ्लोरिडा में सेक्स ऑफेंस के लिए सजा मिली थी, लेकिन 2019 में न्यूयॉर्क जेल में उनकी मौत हो गई, जिसे आधिकारिक तौर पर सुसाइड बताया गया, हालांकि इसमें कई संदेह बने हुए हैं। उनकी पूर्व पार्टनर और सहयोगी गिस्लेन मैक्सवेल को 2021 में सेक्स ट्रैफिकिंग के लिए 20 साल की सजा हुई। अक्टूबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने मैक्सवेल की अपील खारिज कर दी, लेकिन दिसंबर 2025 में उन्होंने नई हैबियस पिटीशन दाखिल की, जिसमें नए सबूतों का दावा किया गया है।एपस्टीन का नेटवर्क बहुत बड़ा था, जिसमें राजनीति, बिजनेस, विज्ञान और मनोरंजन जगत की कई बड़ी हस्तियां शामिल थीं। वे इन लोगों के साथ मीटिंग्स, ट्रिप्स और इवेंट्स में नजर आते थे। लेकिन बार-बार यह स्पष्ट किया जाता है कि किसी के साथ फोटो में होना या मिलना अपराध का सबूत नहीं है – यह सिर्फ उनके सोशल सर्कल को दिखाता है।