18 दिन बंद रहा घर और गायब हो गया लाखों का खजाना! सीकर चोरी कांड के पीछे की पूरी मिस्ट्री!
राजस्थान के सीकर जिले के लोसल कस्बे में चोरों ने एक सूने मकान को निशाना बनाकर चोरी की भीषण वारदात को अंजाम दिया है। पीड़ित परिवार बेटियों की शादी के लिए दिल्ली से 32 तोला सोना, 15 तोला चांदी और 12.85 लाख रुपये नकद लाकर घर की अलमारी में सुरक्षित रखकर वापस दिल्ली चला गया था। 12 जुलाई से 31 जुलाई के बीच जब घर बंद था, तब शातिर चोरों ने ताले तोड़कर पूरी जमा-पूंजी साफ कर दी। 31 जुलाई को जब परिजन घर लौटे तो बिखरा सामान और खाली अलमारी देखकर उनके होश उड़ गए। लोसल थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर सीसीटीवी फुटेज के जरिए जांच शुरू कर दी है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या बंद घर में रखे इतने बड़े खजाने की खबर किसी करीबी ने चोरों को दी थी?
सीकर: एक पिता अपनी पाई-पाई जोड़कर सिर्फ इसलिए जेवर और पैसे जमा करता है ताकि वक्त आने पर अपनी बेटियों के हाथ खुशी-खुशी पीले कर सके। लेकिन जब वही मेहनत की कमाई एक ही झटके में गायब हो जाए, तो उस परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ता है।सीकर जिले के लोसल कस्बे में एक ऐसी ही दर्दनाक और सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहाँ चोरों ने एक सूने मकान को निशाना बनाकर पूरे परिवार के सपनों को चकनाचूर कर दिया।
दिल्ली से सुरक्षित लाकर रखे थे गहने, लेकिन...
दरअसल, वार्ड नंबर-8 में रहने वाले रतन लाल सांसी का परिवार काम के सिलसिले में ज्यादातर दिल्ली रहता है। बेटियों की शादी करीब आने पर उन्होंने दिल्ली से ढेर सारे जेवर खरीदे और अपनी जमा पूंजी का कैश इकट्ठा किया। बीते 12 जुलाई को वे लोसल आए और सारा सामान घर की मजबूत अलमारी के लॉकर में बंद कर दिया। उन्हें लगा कि बंद घर में उनका खजाना पूरी तरह सुरक्षित है। इसके बाद वे वापस दिल्ली लौट गए। लेकिन उन्हें अंदाज़ा भी नहीं था कि कोई शातिर नज़र उनके इस सूने घर पर टिकी हुई है।
घर लौटते ही उड़े होश, बिखरा पड़ा था सब कुछ
31 जुलाई की दोपहर जब रतन लाल अपने लोसल वाले घर पहुँचे, तो बाहर का मंजर देखते ही उनके रोंगटे खड़े हो गए। मुख्य दरवाजे के ताले टूटे पड़े थे। डरते-डरते जब वे अंदर गए तो अलमारी का लॉकर खुला था और कमरे में सामान बेतरतीब फैला हुआ था। जब उन्होंने लॉकर देखा तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। उसमें रखे 32 तोला सोने के आभूषण, 15 तोला चांदी और 12.85 लाख रुपये नकद गायब थे। बेटियों की शादी के लिए जुटाया गया एक-एक तिनका चोर बटोर कर ले जा चुके थे।