हनुमान बेनीवाल के बेटे आशुतोष का 'सभागार' में जोशीला भाषण.
हनुमान बेनीवाल के 10 वर्षीय बेटे आशुतोष ने नागौर में आरएलपी की सभा में मंच पर जोरदार भाषण दिया। उन्होंने कहा, "अगर चुनाव लड़ने की उम्र 8-10 साल होती, तो मैं भी विधायक बन जाता!" यह व्यंग्यात्मक टिप्पणी सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। आशुतोष ने पिता की तरह किसान मुद्दों, ग्रेवल माफिया और भ्रष्टाचार पर बोला, जिससे सभा में ठहाके गूंजे। हनुमान बेनीवाल ने इसे 'जज्बे की जीत' बताया। यह घटना आरएलपी की युवा छवि और जाट-किसान वोटबैंक को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है।
राजस्थान की राजनीति में किसान नेता और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के संस्थापक हनुमान बेनीवाल के छोटे बेटे आशुतोष बेनीवाल ने हाल ही में एक दिलचस्प और हास्यपूर्ण अंदाज में राजनीतिक मंच पर अपनी उपस्थिति दर्ज की। मात्र 10 वर्ष की उम्र में आशुतोष ने एक सभागार में अपने पिता की तर्ज पर जोरदार भाषण दिया, जिसमें उन्होंने चुनाव लड़ने की न्यूनतम आयु सीमा पर व्यंग्यात्मक टिप्पणी की। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और लोगों ने इसे 'नन्हा नेता' का मजाकिया लेकिन गंभीर संदेश मानते हुए सराहा।
आशुतोष का राजनीतिक परिवेश
हनुमान बेनीवाल राजस्थान के नागौर जिले से सांसद हैं और आरएलपी के प्रमुख नेता के रूप में किसानों, जाट समुदाय और ग्रामीण मुद्दों पर मुखर रहते हैं। वे 2008 से खींवसर विधानसभा क्षेत्र से चार बार विधायक रह चुके हैं और 2019 व 2024 के लोकसभा चुनावों में नागौर से जीत हासिल की। उनकी पत्नी कनिका बेनीवाल हाल ही में खींवसर उपचुनाव में आरएलपी की उम्मीदवार थीं, लेकिन भाजपा के रेवंत राम डांगा से हार गईं। परिवार में राजनीति का गहरा प्रभाव है—हनुमान के भाई नारायण बेनीवाल भी पूर्व विधायक हैं।ऐसे में आशुतोष, जो बेनीवाल परिवार के सबसे छोटे सदस्य हैं, बचपन से ही राजनीतिक सभाओं और रैलियों में नजर आते रहे हैं। मार्च 2025 में उनके 10वें जन्मदिन पर दिल्ली में आयोजित समारोह में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने हंसते हुए कहा था, "कुछ भी बनो, लेकिन नेता मत बनना।" यह टिप्पणी आशुतोष की लोकप्रियता को दर्शाती है। जुलाई 2025 में नागौर में आयोजित जन आक्रोश रैली में भी आशुतोष अपनी बहन दिया के साथ मंच पर दिखे, जहां पिता ने ग्रेवल माफिया और फसल बीमा देरी जैसे मुद्दों पर हमला बोला। लेकिन आशुतोष का हालिया भाषण इनसे अलग, अधिक व्यक्तिगत और व्यंग्यपूर्ण था।