ADAS तकनीक को मिला बड़ा बढ़ावा: भारत सरकार ने वाहन रडार को किया लाइसेंस-फ्री
भारत सरकार ने ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए बड़ा फैसला लेते हुए वाहनों में इस्तेमाल होने वाले ADAS (Advanced Driver Assistance Systems) रडार को लाइसेंस-मुक्त कर दिया है। इस कदम से वाहन निर्माताओं के लिए आधुनिक सुरक्षा तकनीकों को अपनाना आसान होगा और भविष्य में अधिक किफायती गाड़ियों में भी ADAS फीचर्स देखने को मिल सकते हैं।
भारत सरकार ने ऑटोमोबाइल सेक्टर और सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। सरकार ने वाहनों में इस्तेमाल होने वाले ADAS (Advanced Driver Assistance Systems) रडार को पूरी तरह लाइसेंस-मुक्त (License-Free) घोषित कर दिया है। इस कदम से देश में आधुनिक सुरक्षा तकनीकों से लैस वाहनों का निर्माण और उपयोग आसान हो जाएगा।
ADAS तकनीक आज की आधुनिक कारों में तेजी से लोकप्रिय हो रही है। यह सिस्टम ड्राइवर की सहायता करने के साथ-साथ दुर्घटनाओं को रोकने में भी अहम भूमिका निभाता है। इसमें ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग, लेन कीप असिस्ट, अडेप्टिव क्रूज कंट्रोल, ब्लाइंड स्पॉट डिटेक्शन और फॉरवर्ड कोलिजन वार्निंग जैसी कई उन्नत सुविधाएं शामिल होती हैं।
सरकार के इस नए फैसले के तहत ऑटोमोबाइल कंपनियों को ADAS रडार के उपयोग के लिए अलग से लाइसेंस लेने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे वाहन निर्माताओं के लिए प्रक्रिया सरल होगी और तकनीक को अपनाने की लागत भी कम हो सकती है। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारतीय बाजार में अधिक किफायती कीमत पर ADAS फीचर्स वाली गाड़ियां उपलब्ध हो सकेंगी।