रिपोर्टर/राजेंद्र सिंह मुजफ्फरपुर में हैरान करने वाला मामला: पुरुष की सीटी स्कैन रिपोर्ट में दिखी बच्चेदानी
मुजफ्फरपुर, 27 मार्च 2025: बिहार के मुजफ्फरपुर में एक अजीबोगरीब और हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक पुरुष मरीज की सीटी स्कैन रिपोर्ट में उसके पेट में बच्चेदानी (गर्भाशय) होने का उल्लेख किया गया। इस घटना ने न केवल मरीज और उसके परिजनों को स्तब्ध कर दिया, बल्कि सीटी स्कैन सेंटर की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामला मुजफ्फरपुर के एक निजी सीटी स्कैन सेंटर का है, जहां 26 मार्च 2025 को एक युवक ने अपने पेट दर्द की जांच के लिए सीटी स्कैन करवाया। स्कैन के बाद जब उसे रिपोर्ट दी गई, तो उसमें लिखा था कि उसके पेट में बच्चेदानी मौजूद है। यह पढ़कर मरीज और उसके परिजन हैरान रह गए। मरीज का कहना है, "मैं एक पुरुष हूं, मेरे पेट में बच्चेदानी कैसे हो सकती है? यह रिपोर्ट देखकर मेरे होश उड़ गए।"
परिजनों ने इस मामले को गंभीर लापरवाही करार देते हुए सीटी स्कैन सेंटर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मरीज के एक रिश्तेदार ने कहा, "यह बेहद शर्मनाक है। ऐसी गलती कैसे हो सकती है? अगर इस तरह की लापरवाही होगी, तो मरीजों का भरोसा कैसे बना रहेगा?"
जब इस बारे में सीटी स्कैन सेंटर के संचालक से बात की गई, तो उन्होंने इसे एक प्रिंटिंग एरर बताया। संचालक ने कहा, "यह एक तकनीकी गलती थी। मशीन ने स्कैन सही किया, लेकिन प्रिंटिंग के दौरान गलत टेम्पलेट का इस्तेमाल हो गया, जिसके कारण यह त्रुटि हुई। हम मरीज से माफी मांगते हैं और इसकी जांच कर रहे हैं।" हालांकि, मरीज और उसके परिजन इस जवाब से संतुष्ट नहीं हैं और इसे गंभीर लापरवाही का मामला मान रहे हैं।
यह घटना सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रही है। कई लोगों ने इस मामले पर हैरानी जताई है, वहीं कुछ ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। एक यूजर ने लिखा, "यह तो हद हो गई। अगर सीटी स्कैन में भी ऐसी गलतियां होंगी, तो मरीज अपनी जांच कैसे करवाएं?"
स्थानीय प्रशासन ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सेंटर के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। मरीज ने भी इस मामले को लेकर शिकायत दर्ज कराई है और वह इस गलती के लिए मुआवजे की मांग कर रहा है।
यह घटना स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीकी और मानवीय त्रुटियों के प्रति सतर्कता की जरूरत को दर्शाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी गलतियां मरीजों के बीच भरोसे की कमी पैदा करती हैं और स्वास्थ्य सेवाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करती हैं।
Ashok Shera Official | Verified Expert • 11 Jun, 2026Editor