SaveAravalli अभियान: अरावली की रक्षा के लिए उठी आवाज

SaveAravalli अभियान सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत समेत हजारों लोग अपनी प्रोफाइल पिक्चर बदलकर शामिल हो रहे हैं। यह विरोध सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्वीकार की गई नई परिभाषा के खिलाफ है, जिसमें 100 मीटर से कम ऊंचाई वाली पहाड़ियों को अरावली नहीं माना जाएगा, जिससे 90% क्षेत्र खनन के लिए खुल सकता है। अरावली थार रेगिस्तान की दीवार, NCR के फेफड़े और भूजल रिचार्ज जोन है – इसे बचाना उत्तर भारत के भविष्य के लिए जरूरी है। केंद्र और कोर्ट से पुनर्विचार की अपील की जा रही है।

Mohit Parihar
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
December 18, 2025 • 4:25 PM  16
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18 Dec 2025
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SaveAravalli अभियान: अरावली की रक्षा के लिए उठी आवाज

आज सोशल मीडिया पर #SaveAravalli हैशटैग ट्रेंड कर रहा है। कई लोग, जिसमें राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी शामिल हैं, अपनी प्रोफाइल पिक्चर (DP) बदलकर इस अभियान से जुड़ रहे हैं। यह सिर्फ एक प्रतीकात्मक कदम नहीं है, बल्कि अरावली पहाड़ियों के संरक्षण के लिए एक मजबूत विरोध है। अभियान की शुरुआत उस विवादास्पद फैसले के खिलाफ हुई है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने अरावली की नई परिभाषा स्वीकार की है।

Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.

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