SIR का खौफ रोजाना 150 बांग्लादेशी घुसपैठिए भारत छोड़कर भागे रहे!

पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान शुरू होते ही अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों में भगदड़ मच गई। रोजाना 150 से 200 लोग डर के मारे बांग्लादेश वापस लौट रहे हैं। हाकिमपुर, स्वरूपनगर, बसिरहाट समेत कई बॉर्डर पॉइंट्स पर सैकड़ों लोग बैग लेकर जीरो लाइन पर फंसे हैं। ये लोग 5-15 साल से कोलकाता, न्यूटाउन, राजरहाट, मध्यमग्राम आदि में छिपकर रह रहे थे। बीजेपी इसे ममता सरकार के वोटबैंक का पलायन बता रही है, जबकि TMC इसे अनावश्यक दहशत करार दे रही है।

Basanti Parmar
Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
November 21, 2025 • 12:21 PM  36
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SIR का खौफ रोजाना 150 बांग्लादेशी घुसपैठिए भारत छोड़कर भागे रहे!
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21 Nov 2025
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SIR का खौफ रोजाना 150 बांग्लादेशी घुसपैठिए भारत छोड़कर भागे रहे!

कोलकाता/हाकिमपुर: पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान की शुरुआत ने अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों के बीच खलबली मचा दी है। एक समय जहां ये लोग अवैध रास्तों से भारत में घुसकर बसावट कर रहे थे, वहीं अब डर के मारे उलट पलायन का सिलसिला शुरू हो गया है। बीएसएफ के अधिकारियों के मुताबिक, भारत-बांग्लादेश सीमा पर रोजाना 150 से अधिक अवैध बांग्लादेशी नागरिक अपने वतन लौटने की कोशिश कर रहे हैं। कुल मिलाकर करीब 500 से ज्यादा लोग हाकिमपुर चेकपोस्ट और आसपास के इलाकों में जमा हो चुके हैं, जो बैग-बक्से लटकाए जीरो लाइन पर फंसकर इंतजार कर रहे हैं। यह घटना न सिर्फ सीमा सुरक्षा के लिए चुनौती बनी हुई है, बल्कि राज्य की राजनीति को भी नई आंच दे रही है।

SIR अभियान: क्या है यह, और क्यों मचा है हड़कंप?

चुनाव आयोग ने 4 नवंबर 2025 से पश्चिम बंगाल समेत 12 राज्यों में SIR प्रक्रिया शुरू की है, जो 4 दिसंबर तक चलेगी। इसका मकसद मतदाता सूची को साफ-सुथरा बनाना है, जिसमें हर मतदाता को अपनी नागरिकता और पहचान के दस्तावेज जमा करने पड़ेंगे। सरल शब्दों में, यह एक तरह का 'पहचान अभियान' है, जो अवैध प्रवासियों की जड़ें उखाड़ने का काम कर सकता है। हालांकि आयोग इसे सामान्य रिवीजन बता रहा है, लेकिन अवैध बांग्लादेशी समुदाय में यह अफवाह फैल गई है कि SIR असल में NRC (नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजंस) का 'बैकडोर एंट्री' है। असम में NRC के अनुभव से सबक लेते हुए ये लोग अब पकड़े जाने के डर से भाग रहे हैं।

Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

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