पश्चिम एशिया संकट: 'ईरान पर कब्जे का इरादा नहीं', इस्राइली राजदूत ने बताया क्या है 'ऑपरेशन रोरिंग लायन' का असली प्लान
भारत में इस्राइली राजदूत रूवेन अजार ने ईरान संकट पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस्राइल या अमेरिका का ईरान पर सैन्य कब्जे का कोई इरादा नहीं है। राजदूत के अनुसार, असली लक्ष्य सैन्य कार्रवाई के बजाय ईरान की जनता के माध्यम से नीतियों में बदलाव लाना है, जिससे पूरे पश्चिम एशिया में शांति स्थापित हो सके।
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया (Middle East) में जारी भीषण संघर्ष के बीच भारत में इस्राइल के राजदूत रूवेन अजार ने एक बड़ा और रणनीतिक बयान दिया है। सोमवार को नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राजदूत ने स्पष्ट किया कि इस्राइल या अमेरिका की ईरान की जमीन पर सैन्य कब्जे (Military Occupation) की कोई योजना नहीं है। उनका लक्ष्य सैन्य विजय के बजाय ईरान के भीतर से ही नीतियों में बदलाव लाना है।
सैन्य कब्जा नहीं, आंतरिक सुधार है लक्ष्य
राजदूत रूवेन अजार ने साफ तौर पर कहा, "न तो अमेरिका और न ही इस्राइल का ईरान पर आक्रमण (Invasion) करने का इरादा है। हम ईरान की जनता को ऐसी स्थिति देना चाहते हैं जहाँ वे खुद अपनी नीतियों या शासन में बदलाव के लिए दबाव बना सकें।" उनका मानना है कि ईरान के नागरिक ही अपने देश के भविष्य का फैसला कर सकते हैं और सैन्य कार्रवाई के बजाय जनता के जरिए आने वाला बदलाव अधिक स्थायी और प्रभावी होगा।