जयपुर फैमिली कोर्ट ने 32 साल पुरानी शादी को रद्द किया: पत्नी द्वारा माता-पिता से अलग रहने का दबाव, संपत्ति लालच और लगातार मुकदमे दर्ज कराना माना गया मानसिक क्रूरता
जयपुर के फैमिली कोर्ट ने मानसिक-शारीरिक क्रूरता और 8 साल से अलग रहने के आधार पर 32 साल पुरानी शादी को रद्द कर दिया। कोर्ट ने पत्नी द्वारा पति पर माता-पिता से अलग रहने का दबाव, संपत्ति में हिस्से की मांग और कई मुकदमे दर्ज कराने को क्रूरता माना। पति की याचिका स्वीकार की गई, जबकि पत्नी आरोपों का खंडन नहीं कर पाई। फैसला 30 जनवरी को सुनाया गया।
जयपुर के महानगर-प्रथम फैमिली कोर्ट-1 ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए 32 साल पुरानी शादी को पूरी तरह रद्द (विवाह विच्छेद) कर दिया है। यह फैसला पति की ओर से दायर तलाक याचिका पर आधारित है, जिसमें मुख्य आधार मानसिक और शारीरिक क्रूरता तथा पत्नी द्वारा लंबे समय से अलग रहना (desertion) बताया गया। कोर्ट ने 30 जनवरी को यह आदेश जारी किया।
मामले की पृष्ठभूमि
सवाई माधोपुर के निवासी एक युवक और मुंबई की रहने वाली युवती की शादी वर्ष 1994 में हुई थी। पति के अनुसार, शादी के कुछ महीनों बाद ही पत्नी अपने मायके (मुंबई) चली गई। वापस आने के बाद उसने पति पर लगातार दबाव बनाना शुरू कर दिया कि वह उसके माता-पिता से अलग रहें।