400 फर्जी सिग्नेचर और आधी रात का वो एक 'क्लिक'... डिजिटल डकैती के पीछे कौन सा 'अंतरराष्ट्रीय चेहरा'? बड़ा खुलासा!
"जयपुर की डिजिटल सुरक्षा में ऐसी सेंधमारी, जिसने सरहदों के पार तक हड़कंप मचा दिया! आधी रात को हुआ वो एक 'क्लिक' और फिर जो हुआ, उसने पुलिस कमिश्नरेट की भी नींद उड़ा दी। जानने के लिए देखिए पूरी खबर..."
जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर की साइबर सेल ने एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसने डिजिटल सुरक्षा में सेंध लगाकर देश के बड़े निर्यातकों की नींद उड़ा दी थी। 400 करोड़ रुपये के इस सनसनीखेज डीजीएफटी-आइसीईगेट (DGFT-ICEGATE) स्क्रिप घोटाले में पुलिस ने 5 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस संगठित अपराध का जाल राजस्थान से लेकर दुबई तक फैला हुआ है।
कैसे होता था 'डिजिटल' डाका?
पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल के अनुसार, यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से काम करता था। आरोपी सबसे पहले फर्जी आधार और पैन कार्ड का इस्तेमाल कर डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC) तैयार करते थे। इसके बाद, निर्यातकों के सुरक्षित पोर्टल (DGFT) में अनधिकृत तरीके से लॉगिन कर उनकी प्रोफाइल में सेंध लगाते थे।
ठगों का सबसे पहला काम कंपनी के प्रोफाइल में दर्ज मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी को बदलना होता था, ताकि असली मालिक को भनक तक न लगे। एक बार कंट्रोल मिलने के बाद, करोड़ों रुपये की 'ड्यूटी क्रेडिट स्क्रिप्स' को फर्जी म्यूल खातों (Mule Accounts) में ट्रांसफर कर लिया जाता था।