गैंगस्टर रोहित गोदारा के सहयोगी दीपेंद्र सिंह उर्फ सागर की तलाश: 5 दिन की अंतरिम जमानत पर जेल से बाहर आकर फरार, 25 हजार रुपये का इनाम घोषित
जयपुर पुलिस गैंगस्टर रोहित गोदारा के करीबी साथी दीपेंद्र सिंह उर्फ सागर की तलाश कर रही है। 30 नवंबर को 5 दिन की अंतरिम जमानत पर जेल से छूटा दीपेंद्र 4 दिसंबर को सरेंडर करने की बजाय फरार हो गया। पुलिस ने उसे पकड़वाने की सूचना देने पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।
जयपुर, 6 दिसंबर 2025: राजस्थान की राजधानी जयपुर में अपराध की दुनिया के कुख्यात नाम गैंगस्टर रोहित गोदारा के कथित सहयोगी दीपेंद्र सिंह उर्फ सागर की तलाश तेज हो गई है। जयपुर पुलिस ने शहरभर में दबिशें तेज कर दी हैं, जबकि इस फरार बदमाश पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया गया है। दीपेंद्र सिंह, जो सीकर जिले के अजीतगढ़ का निवासी है, पर पहले से ही कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, और वह रोहित गोदारा गैंग के सक्रिय सदस्य के रूप में जाना जाता है। यह मामला तब सुर्खियों में आया जब दीपेंद्र को 5 दिनों की अंतरिम जमानत मिलने के बाद जेल से रिहा किया गया, लेकिन वह निर्धारित समय पर वापस लौटने के बजाय फरार हो गया।
फरारी का पूरा घटनाक्रम दीपेंद्र सिंह उर्फ सागर को हाल ही में एक आपराधिक मामले में अदालत से 5 दिनों की अंतरिम जमानत प्राप्त हुई थी। इस जमानत के तहत उसे 30 नवंबर 2025 को जयपुर सेंट्रल जेल से बाहर रिहा किया गया। जमानत की शर्तों के अनुसार, उसे 4 दिसंबर 2025 की शाम 5:00 बजे तक जेल में वापस सरेंडर करना था। हालांकि, निर्धारित समय पर वह जेल नहीं लौटा और अचानक गायब हो गया। पुलिस के अनुसार, फरारी से पहले उसने फर्जी जमानती (गारंटर) खड़े करने का प्रयास किया था, जो उसके फरार होने की साजिश का हिस्सा माना जा रहा है।जेल अधिकारियों ने जब दीपेंद्र को सरेंडर न करने पर सूचना दी, तो जयपुर पुलिस ने तुरंत अलर्ट जारी कर दिया। अब वह फरार होने के चार दिन बाद भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। रोहित गोदारा गैंग के अन्य सदस्यों की मदद से वह छिपा हुआ हो सकता है, क्योंकि गोदारा गैंग राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में सक्रिय है और उसके नेटवर्क में कई असरदार लोग शामिल हैं।
रोहित गोदारा गैंग का काला इतिहास रोहित गोदारा राजस्थान के सबसे खतरनाक गैंगस्टरों में से एक है, जिसके नाम पर हत्या, जबरन वसूली, हथियार तस्करी और संगठित अपराध के कई मामले दर्ज हैं। गोदारा गैंग ने हाल के वर्षों में राजस्थान पुलिस को कई चुनौतियां दी हैं, जिसमें शूटआउट, गैंगवार और पुलिसकर्मियों पर हमले शामिल हैं। दीपेंद्र सिंह उर्फ सागर को गोदारा का करीबी सहयोगी माना जाता है, जो गैंग की गतिविधियों में लॉजिस्टिक सपोर्ट, हथियारों की व्यवस्था और अन्य सदस्यों के बीच समन्वय का काम करता था।पुलिस जांच में सामने आया है कि दीपेंद्र पर राजस्थान के विभिन्न थानों में कम से कम 4-5 मामले दर्ज हैं, जिनमें अवैध हथियार रखने, मारपीट और गैंग से जुड़े अपराध शामिल हैं। वह अजीतगढ़ (सीकर) का मूल निवासी है, जहां से गैंग की कई गतिविधियां संचालित होती रही हैं। गोदारा गैंग के अन्य सदस्यों की तरह दीपेंद्र भी सोशल मीडिया पर सक्रिय रहता था, जहां से वह गैंग की धमकियां और प्रचार फैलाता था। फरार होने के बाद पुलिस उसके मोबाइल लोकेशन, बैंक ट्रांजेक्शन और संदिग्ध संपर्कों पर नजर रख रही है।