जालोर में सनसनीखेज हत्याकांड: पत्नी और प्रेमी ने मिलकर पति को उतारा मौत के घाट
जालोर के बागोड़ा थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज हत्याकांड में माफी देवी (25) और उसके प्रेमी सांवलाराम (28) ने मिलकर माफी के पति नरसाराम (45) की हत्या कर दी। 25 मई 2025 की रात नरसाराम ने दोनों को साथ देख लिया, जिसके बाद सांवलाराम ने उसके सिर पर लाठी से वार किया, जहर खिलाया और शव को फंदे पर लटकाकर आत्महत्या का रूप दिया। माफी ने देवर को आत्महत्या की झूठी सूचना दी, लेकिन पंचों की पूछताछ में सच कबूल लिया। पुलिस ने दोनों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है और कलेक्टर के आदेश पर दफन शव को निकालकर पोस्टमॉर्टम करवाया जाएगा।



जालोर जिले के बागोड़ा थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाला हत्याकांड सामने आया है। यहां एक पत्नी और उसके प्रेमी ने मिलकर पति की बेरहमी से हत्या कर दी और मामले को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की। हत्या के बाद शव को सामाजिक रीति-रिवाज के अनुसार दफना दिया गया, लेकिन पंचों की पूछताछ में पत्नी ने सच उगल दिया। अब पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और कलेक्टर के आदेश पर दफनाए गए शव को निकालकर पोस्टमॉर्टम करवाया जाएगा।
क्या है पूरा मामला?
घटना 25 मई 2025 की रात की है। बागोड़ा निवासी नरसाराम (45) की पत्नी माफी देवी (25) का पिछले 5-6 साल से सांवलाराम (28) नाम के युवक के साथ अवैध संबंध था। सांवलाराम, सायला थाना क्षेत्र के सियावट गांव का रहने वाला है। 25 मई की रात सांवलाराम माफी से मिलने उसके घर आया था। उसी दौरान नरसाराम घर पहुंच गया और दोनों को आपत्तिजनक हालत में देख लिया।
इस बात पर नरसाराम और सांवलाराम के बीच बहस शुरू हो गई। गुस्से में आकर सांवलाराम ने नरसाराम के सिर पर लाठी से जोरदार प्रहार किया, जिससे वह बेहोश हो गया। इसके बाद दोनों ने मिलकर नरसाराम को जहर खिलाया और उसका शव रस्सी के फंदे पर लटका दिया ताकि मामला आत्महत्या जैसा लगे।
पत्नी ने दी झूठी सूचना
हत्या के बाद माफी देवी भागते हुए अपने देवर दूदाराम (35) के पास पहुंची और बदहवास हालत में बताया कि नरसाराम ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली है। दूदाराम और उनका दूसरा भाई नारणाराम तुरंत नरसाराम के घर पहुंचे। वहां उन्होंने नरसाराम का शव फंदे से लटका हुआ पाया। शव के सिर के पिछले हिस्से से खून बह रहा था और सीने व दोनों हाथों पर चोट के निशान थे। उस वक्त परिजनों ने इस पर ध्यान नहीं दिया और रात भर शव के पास बैठे रहे।
सामाजिक रीति-रिवाज से हुआ अंतिम संस्कार
26 मई को समाज के लोगों को बुलाया गया। शव पर चोट के निशान देखकर कुछ लोगों को शक हुआ, लेकिन माफी ने बार-बार यही कहा कि उसने नरसाराम को फंदे पर लटके हुए देखा था। इसके बाद सामाजिक रीति-रिवाज के अनुसार नरसाराम का अंतिम संस्कार कर शव को दफना दिया गया।
पंचों की पूछताछ में खुला राज
28 मई को समाज के पंचों ने माफी से सख्ती से पूछताछ की। पहले तो वह टालमटोल करती रही, लेकिन अंततः उसने सच कबूल कर लिया। माफी ने बताया कि उसका सांवलाराम के साथ 5-6 साल से अवैध संबंध था। उसने सांवलाराम के साथ मिलकर नरसाराम की हत्या की और शव को फंदे पर लटकाकर आत्महत्या का रूप दिया। सांवलाराम ने उसे धमकी भी दी थी कि अगर उसने किसी को कुछ बताया तो उसे भी मार देगा। दूदाराम ने बागोड़ा थाने में लिखित में मामला दर्ज।












































