झालावाड़ पुलिस हिरासत में युवक की टांग टूटने का मामला: परिजनों का मारपीट का आरोप, पुलिस ने खारिज किए आरोप
झालावाड़ में पुलिस ने चाकूबाजी के आरोपी अनिल को हिरासत में लिया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने थाने में बेरहमी से पीटकर उसकी एक टांग तोड़ दी, जिससे वह बेहोश हो गया और कोटा अस्पताल में भर्ती है। पुलिस का दावा है कि गिरफ्तारी के दौरान भागने की कोशिश में अनिल खुद गिरा और उसकी टांग टूट गई। पुलिस ने मारपीट के आरोपों को खारिज कर दिया है।
राजस्थान के झालावाड़ जिले में कोतवाली थाना पुलिस पर एक युवक को हिरासत में लेकर बेरहमी से पीटने और उसकी टांग तोड़ने का गंभीर आरोप लगा है। यह मामला जिले के नई जेल कच्ची बस्ती के निवासी अनिल से संबंधित है। अनिल पर एक चाकूबाजी की घटना में संलिप्तता का आरोप था, जिसके संबंध में 18 दिसंबर को मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद वह फरार चल रहा था।
घटना की शुरुआत और परिजनों का पक्ष परिजनों के अनुसार, पुलिस ने अनिल को उसके घर से हिरासत में लिया। अनिल की मां ने मीडिया को बताया कि कई पुलिसकर्मी उनके घर पहुंचे और दरवाजा खुलवाने के बाद अनिल को जबरन अपने साथ ले गए। जब परिजन कोतवाली थाने पहुंचे तो पुलिस ने अनिल के वहां होने से इनकार कर दिया। बाद में परिवार को पता चला कि अनिल के साथ थाने में या हिरासत के दौरान मारपीट की गई, जिससे उसकी एक टांग में गंभीर फ्रैक्चर हो गया। घायल अनिल को सबसे पहले झालावाड़ के स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन उसकी हालत बिगड़ने पर उसे कोटा के मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में रेफर कर दिया गया। वर्तमान में अनिल बेहोशी की हालत में इलाजरत है और उसकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है।