15 करोड़ के नकली मूंगफली बीजों को खपाने के लिए बंटी ढाई करोड़ की घूस, कॉल डिटेल में आया मंत्री और डॉक्टर का नाम
राजस्थान में किसानों की जिंदगी से खिलवाड़ का खौफनाक सच सामने आया है। गुजरात के घटिया बीज को राजस्थान में खपाने के लिए ढाई करोड़ का रिश्वत नेटवर्क चल रहा था।
राजस्थान में किसानों को घटिया और नकली बीज बांटकर करोड़ों रुपए कमाने के एक बहुत बड़े खेल का एसीबी (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) ने पर्दाफाश किया है। जोधपुर में सीज किए गए 15 करोड़ रुपए के घटिया मूंगफली बीजों को गुजरात वापस भेजने के बजाय राजस्थान के ही बाजारों में खपाने की पूरी तैयारी कर ली गई थी।
जयपुर कृषि विभाग के दुर्गापुरा केंद्र से सैंपल पास करवाने और लैब की जांच रिपोर्ट आने से पहले ही माल को चोरी-छिपे डिस्पैच कराने की योजना बनाई गई थी। एसीबी की 10 पन्नों की एफआईआर (FIR) से यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। इस पूरे खेल को मैनेज करने के लिए 2.45 करोड़ रुपए की घूस का नेटवर्क सक्रिय था, जिसमें राजस्थान राज्य बीज निगम के तत्कालीन डायरेक्टर जुगल किशोर बिश्नोई सहित कई दलाल, एक महिला, एक डॉक्टर और एक मंत्री तक के नाम का जिक्र सामने आया है।
कैसे शुरू हुआ यह पूरा घूसकांड?
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27 मई (जोधपुर में सीज): राज्य सरकार के मिलावट विरोधी अभियान के तहत जोधपुर में किरण कपाड़िया के स्वामित्व वाले गोदाम पर छापा मारा गया। यहां गुजरात की ‘गजराज’ ब्रांड मूंगफली बीज के सैंपल लिए गए और गोदाम को सीज कर दिया गया, जहां 15 करोड़ के बीज थे। यहीं से सैंपल पास कराने और माल रिलीज कराने की डील शुरू हुई।