अफसरों के निजी फोन का बिल नहीं भरेगी सरकार: बिना अनुमति भुगतान पर रोक, नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई
राजस्थान सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के निजी मोबाइल व लैंडलाइन बिलों के सरकारी भुगतान पर रोक लगा दी है। सामान्य प्रशासन विभाग की नई गाइडलाइन के अनुसार बिना पूर्व अनुमति किसी निजी फोन का बिल सरकारी खाते से नहीं चुकाया जाएगा। साथ ही टेलीफोन बिल क्लेम के लिए छह महीने की समय सीमा तय की गई है।
जयपुर। राजस्थान सरकार ने सरकारी खर्चों में पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब सरकारी कर्मचारी और अधिकारी अपने निजी मोबाइल या घर के लैंडलाइन फोन का बिल सरकार के खाते में नहीं डाल सकेंगे। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने इस संबंध में नई गाइडलाइन जारी करते हुए निजी टेलीफोन बिलों के सरकारी भुगतान पर रोक लगा दी है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना पूर्व अनुमति किसी भी निजी फोन का बिल सरकारी मद से चुकाया नहीं जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
वित्तीय अनियमितताओं पर लगाम लगाने की पहल
सरकार के संज्ञान में आया था कि कई विभागों में अधिकारी और कर्मचारी सरकारी उपयोग के नाम पर निजी मोबाइल और लैंडलाइन फोन के बिलों का भुगतान सरकारी खजाने से करवा रहे थे। इससे सरकारी खर्चों में अनावश्यक बढ़ोतरी हो रही थी। इसी को देखते हुए सामान्य प्रशासन विभाग ने नए दिशा-निर्देश जारी कर इस व्यवस्था को सख्ती से नियंत्रित करने का निर्णय लिया है।