"ज्योति मल्होत्रा जासूसी का पर्दाफाश: पाकिस्तानी हाईकमीशन के दानिश का जासूसी और घूसखोरी का काला सच"

ज्योति मल्होत्रा, एक यूट्यूबर और हरियाणा की निवासी, को पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। वह पाकिस्तानी हाई कमीशन में कार्यरत अधिकारी दानिश के संपर्क में थी, जिसने उसकी पाकिस्तान यात्रा का खर्च उठाया। पुलिस पूछताछ में ज्योति ने कई खुलासे किए, जिसमें पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के साथ उसके करीबी रिश्ते और बाली यात्रा शामिल हैं। ऑपरेशन सिंदूर के तहत खुफिया एजेंसियों ने 10 बड़े खुलासे किए, जिसमें ज्योति को पाकिस्तान की "एसेट" बताया गया। पंजाब के मलेरकोटला और हरियाणा से कुल 6 जासूसों को गिरफ्तार किया गया।

Ashok Shera
Ashok Shera Official | Verified Expert • 11 Jun, 2026 Editor
May 20, 2025 • 4:28 PM  12
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"ज्योति मल्होत्रा जासूसी का पर्दाफाश: पाकिस्तानी हाईकमीशन के दानिश का जासूसी और घूसखोरी का काला सच"

नई दिल्ली में पाकिस्तान हाई कमीशन के वीजा डेस्क पर तैनात दानिश के नेतृत्व में एक बड़े जासूसी और घूसखोरी रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने इस मामले में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं, जिसमें दानिश द्वारा भारतीय नागरिकों को जासूसी के लिए फंसाने और वीजा प्रक्रिया में घूसखोरी की साजिश शामिल है। इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों गजाला, यामीन मोहम्मद, और देवेंद्र सिंह ढिल्लो से पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। 

पाकिस्तान हाई कमीशन में जासूसी का अड्डा: दानिश का डबल गेम

पाकिस्तान हाई कमीशन में वीजा डेस्क पर तैनात दानिश न केवल भारतीय नागरिकों को वीजा देने के नाम पर घूस वसूलता था, बल्कि उन्हें पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए जासूसी करने के लिए भी उकसाता था। जांच में पता चला है कि दानिश का मोबाइल नंबर ****8939, जो पाकिस्तान हाई कमीशन के नाम पर रजिस्टर्ड है, इस रैकेट का केंद्र था। वह इस नंबर के जरिए व्हाट्सएप, स्नैपचैट और वॉइस कॉल के माध्यम से ज्योति मल्होत्रा, गजाला, और यामीन मोहम्मद से संपर्क में रहता था।दानिश ने वीजा प्रक्रिया को आसान करने का लालच देकर कई भारतीयों को अपने जाल में फंसाया। वह संवेदनशील जानकारी, जैसे भारतीय सेना की गतिविधियों और ठिकानों की सूचनाएं, पाकिस्तान तक पहुंचाने के लिए लोगों को मजबूर करता था।

दानिश वीजा फाइल क्लीयर करने के लिए प्रति आवेदन करीब 5,000 रुपये की घूस वसूलता था। यह रकम यामीन मोहम्मद के पास जमा होती थी, जो दानिश का मुख्य सहयोगी था। यामीन का काम वीजा के लिए हाई कमीशन आने वाले लोगों को दानिश से मिलवाना और घूस की रकम इकट्ठा करना था  यामीन ने पूछताछ में बताया कि दानिश के कहने पर वह कमीशन के पैसे अपने पास रखता था और बाद में उन्हें विभिन्न माध्यमों, जैसे UPI और हवाला, के जरिए आगे भेजता था।

Ashok Shera Official | Verified Expert • 11 Jun, 2026 Editor

"द खटक" एडिटर-इन-चीफ

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