घटना का पूरा विवरण
खाटूश्यामजी में 21 से 28 फरवरी तक फाल्गुन लक्खी मेला लगने वाला है। मेले के दौरान लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं, जिससे भीड़ प्रबंधन एक बड़ी चुनौती होता है। हर साल की तरह इस बार भी प्रशासन ने मेले के मार्गों पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लोहे के बड़े-बड़े गेट और बैरिकेडिंग लगाने का काम शुरू किया था।
सोमवार दोपहर को मोदी चौक मार्ग पर एक कॉलोनी के सामने लोहे का गेट लगाया जा रहा था। स्थानीय निवासियों ने इसका विरोध किया। उनका कहना था कि गेट लगने से उनके घरों में आने-जाने में भारी परेशानी होगी। उन्हें घूमकर दूर से आना पड़ता है, गाड़ियां अंदर नहीं ले जा पाते और रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित होती है। कॉलोनी में 150 से अधिक परिवार रहते हैं, इसलिए उन्होंने गेट हटाने की मांग की।विरोध के दौरान स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए और पुलिस से कहासुनी शुरू हो गई। खाटूश्यामजी थाने के SHO पवन कुमार चौबे अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। बात बढ़ती गई और विवाद हाथापाई में बदल गया।
वायरल वीडियो में क्या दिख रहा है?
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में SHO पवन कुमार चौबे एक युवक (जिसका नाम राजकुमार शर्मा बताया जा रहा है) की कॉलर पकड़ते नजर आ रहे हैं। वे उसे जोर से खींचकर सड़क पर पटक देते हैं। वीडियो में लोग बीच-बचाव करने की कोशिश करते दिख रहे हैं, लेकिन पुलिसकर्मी उन्हें भी धक्का देते नजर आ रहे हैं। वीडियो में लोग पुलिस के व्यवहार का विरोध करते हुए कहते सुनाई दे रहे हैं कि "पुलिस को हाथ नहीं उठाना चाहिए था, यह गलत है।"
स्थानीय लोगों का आरोप
स्थानीय निवासी और प्रभावित युवक राजकुमार शर्मा ने बताया कि वे सिर्फ अपनी आवाजाही की सुविधा के लिए विरोध कर रहे थे।उन्होंने आरोप लगाया कि SHO गाली-गलौज करते हुए आए और बिना वजह मारपीट शुरू कर दी।लोगों का कहना है कि गेट से उनकी कॉलोनी "कैद" जैसी हो जाती है, जिससे दैनिक जीवन प्रभावित होता है।
पुलिस का पक्ष
SHO पवन कुमार चौबे ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि विरोध करने वाले लोगों ने पुलिसकर्मियों के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और हाथापाई की कोशिश की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मजबूरन हस्तक्षेप करना पड़ा।सीकर के एसपी प्रवीण नायक नूनावत ने कहा कि वीडियो सामने आया है और इसकी जांच की जाएगी। जांच के बाद ही उचित कार्रवाई की जाएगी।
मेले का महत्व और तैयारी
खाटूश्यामजी का फाल्गुन लक्खी मेला राजस्थान के सबसे बड़े धार्मिक मेलों में से एक है। यहां दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं। प्रशासन हर साल भीड़ प्रबंधन के लिए ऐसे गेट और बैरिकेडिंग लगाता है ताकि मेले के दौरान कोई हादसा न हो। लेकिन इस बार गेट लगाने को लेकर स्थानीय विरोध ने विवाद को जन्म दिया।