शादीशुदा महिला ने 5 साल छोटे प्रेमी संग मंदिर में रचाई शादी, 2020 के मेले से शुरू हुई प्रेम कहानी, परिवार के दबाव के बावजूद प्यार की जीत

एक शादीशुदा महिला ने अपने से पांच साल छोटे प्रेमी से 2020 में मेले में मिलने के बाद, परिवार के दबाव और जबरन शादी के बावजूद, मंदिर में सात फेरे लिए। वर्षों बाद पुनर्मिलन के बाद उनका प्यार परवान चढ़ा।

Web Desk
Web Desk Verified Media or Organization • 11 Jun, 2026Sub Editor
July 4, 2025 • 3:56 PM  487
भ
भारत
NEWS CARD
Logo
शादीशुदा महिला ने 5 साल छोटे प्रेमी संग मंदिर में रचाई शादी, 2020 के मेले से शुरू हुई प्रेम कहानी, परिवार के दबाव के बावजूद प्यार की जीत
“शादीशुदा महिला ने 5 साल छोटे प्रेमी संग मंदिर में रचाई शादी, 2020 के मेले से शुरू हुई प्रेम कहानी, परिवार के दबाव के बावजूद प्यार की जीत”
Favicon
Read more onthekhatak.com
4 Jul 2025
https://thekhatak.com/married-woman-marries-5-year-old-boyfriend-in-temple-love-story-started-with-2020-fair-love-triumphs-despite-family-pressure
Google News
Copied
शादीशुदा महिला ने 5 साल छोटे प्रेमी संग मंदिर में रचाई शादी, 2020 के मेले से शुरू हुई प्रेम कहानी, परिवार के दबाव के बावजूद प्यार की जीत

बिहार के जमुई जिले के खैरा थाना क्षेत्र से एक ऐसी प्रेम कहानी सामने आई है, जिसने न केवल स्थानीय लोगों को हैरान किया है, बल्कि सोशल मीडिया पर भी खूब सुर्खियां बटोरी हैं। एक शादीशुदा महिला, अंजलि, ने अपने से पांच साल छोटे प्रेमी, भरत, के साथ पत्नेश्वर मंदिर में सात फेरे लेकर शादी कर ली। इस प्रेम कहानी की शुरुआत 2020 में हुई थी, और कई उतार-चढ़ाव के बाद यह जोड़ा आखिरकार एक-दूसरे के साथ जीवन शुरू करने में कामयाब रहा।

यह कहानी शुरू होती है साल 2020 में, जब पश्चिम बंगाल के सीतारामपुर की रहने वाली अंजलि अपने ननिहाल, खैरा थाना क्षेत्र के प्यारेपुर गांव, आई हुई थी। उसी दौरान लखीसराय जिले के गोपालपुर गांव के निवासी भरत भी अपने ननिहाल में थे। दोनों की मुलाकात खैरा के एक मेले में हुई। मेले की भीड़ में शुरू हुई उनकी बातचीत धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और मोबाइल के जरिए बातचीत का सिलसिला शुरू हो गया।

भरत ने बताया कि वह अंजलि से 2020 में ही शादी करना चाहता था, लेकिन उस वक्त उसकी उम्र 21 साल से कम थी, जिसके कारण वह रुक गया। दूसरी ओर, अंजलि के परिवार को उनके प्रेम-प्रसंग की भनक लग गई। करीब छह महीने तक चले इस रिश्ते को परिवार ने सख्ती से खत्म कर दिया। अंजलि का मोबाइल छीन लिया गया और उसे रिश्तेदारों के पास पश्चिम बंगाल के सीतारामपुर भेज दिया गया।

परिवार का दबाव और अंजलि की शादी

अंजलि के परिवार ने 2021 में उसकी शादी सीतारामपुर में किसी और व्यक्ति से कर दी। अंजलि ने बताया कि यह शादी उसकी मर्जी के खिलाफ थी और उसका वैवाहिक जीवन सुखी नहीं रहा। उसने आरोप लगाया कि उसका पति शराब पीकर मारपीट करता था और उसे भरत से बात करने के शक में कमरे में बंद कर देता था। इस बीच, अंजलि एक बच्चे की मां भी बन गई। हालांकि, उसने दावा किया कि उसका बेटा उसके पति का नहीं, बल्कि भरत का है।

दोबारा मुलाकात और प्यार का नया अध्याय

नियति को शायद कुछ और ही मंजूर था। 2022 में अंजलि एक बार फिर अपने ननिहाल खैरा आई। संयोग से उसकी मुलाकात भरत से दोबारा हुई। पुराना प्यार फिर जाग उठा और दोनों ने चोरी-छिपे बातचीत शुरू कर दी। करीब तीन साल तक दोनों फोन पर एक-दूसरे के संपर्क में रहे। इस दौरान भरत अपनी उम्र 21 साल पूरी होने का इंतजार कर रहा था, ताकि वह कानूनी रूप से अंजलि से शादी कर सके।

मंदिर में शादी और वायरल वीडियो

1 जुलाई 2025 को, जैसे ही भरत 21 साल का हुआ, उसने अंजलि को बुलाया और दोनों ने जमुई के पत्नेश्वर मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से शादी रचा ली। इस शादी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसने पूरे जमुई जिले में हलचल मचा दी। अंजलि ने खुलकर कहा, “मैं भरत से सच्चा प्यार करती हूं। मेरा बच्चा भी उसी का है, और अब मैं उसके साथ ही रहूंगी।” वहीं, भरत ने बताया, “मैं अंजलि से हमेशा प्यार करता था। उम्र पूरी होने का इंतजार था, और अब हम एक हो गए हैं।”

सामाजिक प्रतिक्रियाएं और कानूनी पहलू

इस अनोखी शादी ने समाज में मिली-जुली प्रतिक्रियाएं पैदा की हैं। कुछ लोग अंजलि और भरत के साहस की तारीफ कर रहे हैं, जो अपने प्यार के लिए सामाजिक बंधनों को तोड़ने से नहीं डरे। वहीं, कुछ लोग इसे सामाजिक और पारंपरिक नियमों के खिलाफ मान रहे हैं। अंजलि के मायके वालों ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई है, जबकि अंजलि ने स्पष्ट किया कि उसने अपनी मर्जी से यह शादी की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जा रही है।

Web Desk

Web Desk Verified Media or Organization • 11 Jun, 2026Sub Editor

Web Desk The Khatak

Digital Archives

homeHomeamp_storiesWeb Storieslocal_fire_departmentTrendingplay_circleVideosmark_email_unreadNewsletter