मारवाड़ की सड़कों से हटे मेवाराम के अश्लील पोस्टर, पुलिस ने की कार्रवाई

पूर्व विधायक मेवाराम जैन की कांग्रेस में वापसी के बाद बाड़मेर और बालोतरा में आपत्तिजनक पोस्टरों ने सियासी खलबली मचा दी। पोस्टरों में जैन का पुराना विवादास्पद फोटो और "महिलाओं का अपमान नहीं सही की बाड़मेर कांग्रेस" का नारा था। पुलिस और नगर परिषद ने पोस्टर हटा दिए, जबकि जैन के समर्थकों ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज की। स्वागत कार्यक्रम के बीच हरीश चौधरी के विरोध और स्थानीय असंतोष ने कांग्रेस में तनाव बढ़ा दिया।

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Web Desk Verified Media or Organization • 11 Jun, 2026Sub Editor
September 27, 2025 • 11:13 AM  3.9k
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मारवाड़ की सड़कों से हटे मेवाराम के अश्लील पोस्टर, पुलिस ने की कार्रवाई
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27 Sep 2025
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मारवाड़ की सड़कों से हटे मेवाराम के अश्लील पोस्टर, पुलिस ने की कार्रवाई

राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर बाड़मेर का नाम सुर्खियों में आ गया है। पूर्व विधायक मेवाराम जैन की कांग्रेस में वापसी के महज एक दिन बाद ही शहर में लगे आपत्तिजनक पोस्टरों ने सियासी हलचल तेज कर दी है। जैन के समर्थकों का आरोप है कि विरोधी गुट ने उनके पुराने विवादास्पद वीडियो का सहारा लेकर महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाने की कोशिश की। हालांकि, नगर परिषद और पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पोस्टर हटा लिए, लेकिन यह घटना बाड़मेर-बालोतरा की राजनीति में नई दरार पैदा कर रही है।

पोस्टरों में क्या था लिखा?

शनिवार सुबह बाड़मेर जिला मुख्यालय और बालोतरा शहर के प्रमुख चौराहों, बाजारों व मुख्य सड़कों पर बड़े-बड़े होर्डिंग्स और पोस्टर चिपकाए गए। इनमें मेवाराम जैन का एक पुराना आपत्तिजनक फोटो (जो उनके 2024 में वायरल हुए अश्लील वीडियो से जुड़ा माना जा रहा है) लगाया गया था। पोस्टर पर प्रमुखता से लिखा था: "महिलाओं का अपमान नहीं सही की बाड़मेर कांग्रेस"। यह नारा स्पष्ट रूप से जैन की वापसी का विरोध करते हुए कांग्रेस को निशाना बना रहा था।सूत्रों के अनुसार, ये पोस्टर रातों-रात लगाए गए थे, ताकि जैन के स्वागत कार्यक्रम से ठीक पहले राजनीतिक माहौल बिगाड़ा जा सके। बाड़मेर शहर में जगह-जगह फैले इन पोस्टरों को देखते ही स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। जैन के समर्थकों ने तत्काल नगर परिषद की टीम को सूचना दी, जिसने पुलिस की मदद से दोपहर तक सभी पोस्टर हटा दिए। कोतवाली थाने में समर्थकों ने अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई, जिसमें मानहानि, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और महिलाओं के सम्मान को आहत करने के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।

मेवाराम जैन, जो 2008 से 2023 तक बाड़मेर विधानसभा सीट से लगातार तीन बार कांग्रेस के विधायक रह चुके हैं, का राजनीतिक सफर विवादों से भरा रहा है। 2023 के विधानसभा चुनाव से पहले उनके खिलाफ गैंगरेप और POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ था, जिसमें एक महिला ने उन पर और अन्य आठ लोगों पर बलात्कार के आरोप लगाए थे। हालांकि, जोधपुर हाईकोर्ट ने मार्च 2024 में जांच के बाद एफआईआर को झूठा बताते हुए क्लीन चिट दे दी। लेकिन जनवरी 2024 में उनके कथित अश्लील वीडियो (जो 5-6 साल पुराने बताए जाते हैं) सोशल मीडिया पर वायरल हो गए, जिसके बाद कांग्रेस ने उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया।निलंबन के बाद जैन ने चुप्पी साध ली, लेकिन सितंबर 2024 में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कांग्रेस प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा से उनकी मुलाकातों ने वापसी की अटकलें तेज कर दीं। मई 2025 में जय हिंद रैली के दौरान भी उनकी वरिष्ठ नेताओं से बातचीत सुर्खियों में रही। आखिरकार, 26 सितंबर 2025 को राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी (RPCC) ने अनुशासन समिति की सिफारिश पर जैन समेत छह निलंबित नेताओं की सदस्यता बहाल कर दी। रंधावा के हस्ताक्षर वाले 22 सितंबर के पत्र में जैन की 'घर वापसी' को औपचारिक मुहर मिली। जैन ने बहाली के बाद कहा, "कांग्रेस मेरा परिवार है। मैं संगठन को मजबूत करने के लिए काम करूंगा।"

जैन के कार्यालय में शुक्रवार दोपहर को आयोजित स्वागत कार्यक्रम में सैकड़ों समर्थक जुटे। जैन ने संबोधन में कहा, "मैंने कभी महिलाओं का अपमान नहीं किया। ये झूठे आरोप थे, जिन्हें कोर्ट ने खारिज कर दिया। अब मैं बाड़मेर की जनता के लिए काम करूंगा।" कार्यक्रम में गहलोत गुट के समर्थक प्रमुखता से दिखे, लेकिन विरोधी गुट के अनुपस्थिति ने माहौल को तनावपूर्ण बना दिया।

बाड़मेर-जैसलमेर लोकसभा क्षेत्र में कांग्रेस की जीत के बाद जैन की वापसी पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत कर सकती है, क्योंकि वे थार के जैन समुदाय और ग्रामीण वोट बैंक के प्रभावशाली नेता हैं। लेकिन यह विवाद आगामी पंचायत चुनावों में फूट का कारण बन सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि चौधरी जैसे नेताओं का असंतोष गहलोत-पायलट गुटों के बीच तनाव बढ़ाएगा।पुलिस ने पोस्टर लगाने वालों की तलाश तेज कर दी है, जबकि जैन समर्थक न्याय की मांग कर रहे हैं। बाड़मेर की यह सियासी जंग कब थमेगी, यह तो वक्त ही बताएगा, लेकिन फिलहाल शहर में सन्नाटा और आक्रोश का मिश्रण छाया हुआ है। 

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