नागौरी शेर का बीकानेर में धमाकेदार शक्ति प्रदर्शन RLP के 7वें स्थापना दिवस पर लाखों कार्यकर्ता उमड़ेंगे.
हनुमान बेनीवाल के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) का 7वां स्थापना दिवस आज बीकानेर के पॉलिटेक्निक कॉलेज ग्राउंड पर मनाया जा रहा है। राज्यभर से लाखों कार्यकर्ता पहुंच रहे हैं, जिसे बेनीवाल का शक्ति प्रदर्शन माना जा रहा है। भारी भीड़ के कारण ट्रैफिक रूट बदले गए हैं और सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं। आयोजन में किसान, युवा, कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दे प्रमुख रहेंगे।
बीकानेर, 29 अक्टूबर 2025: राजस्थान की राजनीति में तूफान लाने वाले नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल आज बीकानेर को अपनी ताकत का अखाड़ा बनाने जा रहे हैं। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) का सातवां स्थापना दिवस बीकानेर के राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज ग्राउंड पर सुबह 11 बजे से शुरू हो रहा है, जिसे राजनीतिक हलकों में बेनीवाल का 'शक्ति प्रदर्शन' करार दिया जा रहा है। राज्यभर से हजारों-लाखों आरएलपी कार्यकर्ता ट्रक, बसों और निजी वाहनों से बीकानेर पहुंच रहे हैं, जिससे शहर की सड़कें जाम से अछूती नहीं रहेंगी। प्रशासन ने ट्रैफिक रूट बदल दिए हैं और भारी सुरक्षा व्यवस्था तैनात की है, ताकि ये ऐतिहासिक आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।
RLP का सफर: किसानों की हुंकार से बनी तीसरी ताकत
आरएलपी की नींव 29 अक्टूबर 2018 को जयपुर की एक भव्य हुंकार रैली में रखी गई थी, जब हनुमान बेनीवाल ने भाजपा से निष्कासन के बाद 'बोतल' चुनाव चिन्ह के साथ नई पार्टी की घोषणा की। बेनीवाल, जो राजस्थान विश्वविद्यालय छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं, ने किसानों, युवाओं और जाट समुदाय की आवाज को बुलंद करने के लिए ये कदम उठाया। पहले ही चुनाव में पार्टी ने 3 विधायक और 1 सांसद जीता, जो राजस्थान में तीसरे विकल्प के रूप में उभरी। 2024 लोकसभा चुनाव में बेनीवाल ने इंडिया गठबंधन के टिकट पर नागौर से फिर जीत हासिल की, लेकिन हाल के उपचुनावों में खींवसर सीट पर हार के बावजूद पार्टी की जमीनी ताकत बरकरार है।इस सातवें स्थापना दिवस पर बेनीवाल का फोकस पश्चिमी राजस्थान पर है। सोशल मीडिया पोस्ट्स के मुताबिक, जोधपुर, बाड़मेर, नागौर, बीकानेर, चुरू और सीकर जैसे जिलों से कार्यकर्ता आ रहे हैं। ये आयोजन न सिर्फ पार्टी की मजबूती दिखाएगा, बल्कि आगामी 2028 विधानसभा चुनावों के लिए रणनीति का संकेत भी देगा। बेनीवाल ने हाल ही में अप्रैल 2025 में ऐलान किया था कि 2028 चुनाव उनके राजनीतिक सफर का आखिरी होगा, उसके बाद पार्टी किसी बड़े गठबंधन में विलय कर सकती है।