नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी सुधारों की शुरुआत, नवरात्रि पर मोदी ने दिया देश को आर्थिक तोहफ़ा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवरात्र की शुभकामनाओं के साथ नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी सुधारों की घोषणा की, जिसके तहत जीएसटी बचत उत्सव शुरू होगा। नए सुधारों से टैक्स स्लैब को 5% और 18% तक सीमित किया गया है, जिससे रोजमर्रा की वस्तुएं सस्ती होंगी और नागरिकों को 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बचत होगी। यह कदम कारोबार को आसान बनाएगा, निवेश को बढ़ावा देगा और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूत करेगा।
Web Desk Verified Media or Organization • 11 Jun, 2026Sub Editor
September 21, 2025 • 6:16 PM 30
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“नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी सुधारों की शुरुआत, नवरात्रि पर मोदी ने दिया देश को आर्थिक तोहफ़ा”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को संबोधित करते हुए नवरात्र की शुभकामनाएं दीं और नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी सुधारों की शुरुआत की घोषणा की। उन्होंने जीएसटी बचत उत्सव की शुरुआत का ऐलान किया, जिसके तहत देश के नागरिकों को उनकी पसंदीदा वस्तुएं आसानी से और कम कीमत पर खरीदने का अवसर मिलेगा। यह संबोधन देश के आर्थिक विकास, कारोबार की आसानी और आत्मनिर्भर भारत के विजन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
नवरात्र और जीएसटी बचत उत्सव की शुरुआत
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा, "मेरे प्रिय देशवासियों, नमस्कार। कल से नवरात्र शुरू हो रहा है। आप सभी को नवरात्र की शुभकामनाएं।" उन्होंने बताया कि नवरात्र के पहले दिन सूर्योदय के साथ ही नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी सुधार लागू हो जाएंगे। इस सुधार के तहत जीएसटी बचत उत्सव की शुरुआत होगी, जिसका उद्देश्य आम नागरिकों की बचत को बढ़ाना और उनकी खरीदारी को और आसान बनाना है।
पीएम मोदी ने कहा, "जीएसटी बचत उत्सव में आपकी बचत बढ़ेगी और आप अपनी पसंद की चीजों को और ज्यादा आसानी से खरीद पाएंगे।" यह सुधार देश के गरीब, मध्यम वर्ग, नियो मिडिल क्लास, युवा, किसान, महिलाएं, दुकानदार, व्यापारी और उद्यमियों के लिए लाभकारी होगा। त्योहारी सीजन में यह कदम सभी के लिए एक सौगात की तरह है।
प्रधानमंत्री ने जीएसटी सुधारों के व्यापक प्रभाव पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ये बदलाव भारत की विकास यात्रा को और तेज करेंगे। इन सुधारों के प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:
कारोबार में आसानी: जीएसटी सुधार कारोबार को और सरल बनाएंगे, जिससे व्यापारियों को कम जटिलताओं का सामना करना पड़ेगा।
निवेश को बढ़ावा: नए सुधार निवेश को और आकर्षक बनाएंगे, जिससे देश में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी।
सभी राज्यों को समान अवसर: ये सुधार हर राज्य को विकास की दौड़ में बराबरी का मौका देंगे, जिससे क्षेत्रीय असमानताएं कम होंगी।
टैक्स स्लैब में सरलीकरण: अब केवल 5% और 18% के टैक्स स्लैब रहेंगे। रोजमर्रा की वस्तुएं जैसे खाने-पीने का सामान, दवाइयां, ब्रश-पेस्ट और बीमा आदि पर या तो टैक्स शून्य होगा या केवल 5% टैक्स लगेगा। पहले 12% टैक्स वाली 99% वस्तुएं अब 5% के दायरे में आ जाएंगी।
जीएसटी का ऐतिहासिक महत्व
पीएम मोदी ने 2017 में शुरू हुए जीएसटी सुधारों को याद करते हुए कहा कि यह एक ऐतिहासिक कदम था, जिसने देश को दर्जनों टैक्सों के जाल से मुक्ति दिलाई। पहले व्यापारियों को एंट्री टैक्स, सेल्स टैक्स, एक्साइज, वैट, सर्विस टैक्स जैसे कई करों का सामना करना पड़ता था। सामान को एक शहर से दूसरे शहर भेजने में कई चेकपोस्ट और फॉर्म भरने की जरूरत पड़ती थी।
उन्होंने एक पुराना उदाहरण साझा करते हुए बताया कि एक कंपनी के लिए बेंगलुरु से हैदराबाद (570 किमी) सामान भेजना इतना जटिल था कि कंपनी यूरोप के रास्ते सामान भेजना ज्यादा आसान समझती थी। पीएम ने कहा, "टैक्स और टोल के जंजाल से ये हालात थे।"
2014 में सरकार बनने के बाद जीएसटी को प्राथमिकता दी गई। सभी राज्यों की शंकाओं का समाधान किया गया और केंद्र-राज्य सहयोग से वन नेशन, वन टैक्स का सपना साकार हुआ।
मध्यम वर्ग और नियो मिडिल क्लास के लिए डबल बोनांजा
प्रधानमंत्री ने पिछले 11 वर्षों में गरीबी उन्मूलन की उपलब्धियों पर जोर देते हुए कहा कि 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं और अब नियो मिडिल क्लास के रूप में उभर रहे हैं। इस वर्ग की आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार ने कई कदम उठाए हैं:
इनकम टैक्स में छूट: 12 लाख तक की आय को टैक्स मुक्त किया गया है, जिससे मध्यम वर्ग को बड़ी राहत मिली है।
जीएसटी में कमी: जीएसटी दरों में कमी से रोजमर्रा की वस्तुएं, घर बनाना, स्कूटर-कार खरीदना और होटल में ठहरना सस्ता होगा।
पीएम ने कहा, "अब गरीब और नियो मिडिल क्लास की बारी है। जीएसटी में कमी से उनके सपने पूरे करना और आसान होगा।" इन सुधारों से देश के नागरिकों को सालाना 2.5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की बचत होगी।
व्यापारियों और एमएसएमई के लिए लाभ
प्रधानमंत्री ने व्यापारियों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि दुकानदार जीएसटी सुधारों के लाभ ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए उत्साहित हैं। इन सुधारों से:
एमएसएमई की बिक्री बढ़ेगी और टैक्स का बोझ कम होगा।
नियम और प्रक्रियाएं सरल होने से छोटे उद्योगों को डबल फायदा होगा।
स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे भारत की मैन्युफैक्चरिंग और गुणवत्ता वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनेगी।
आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी का आह्वान
पीएम मोदी ने आत्मनिर्भर भारत के मंत्र को दोहराते हुए देशवासियों से स्वदेशी उत्पादों को अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, "हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में विदेशी चीजें शामिल हो गई हैं। हमें अब स्वदेशी अपनाना होगा।" उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे भारत में बने उत्पाद खरीदें और बेचें, ताकि देश तेजी से विकसित हो सके।
उन्होंने राज्य सरकारों से भी आत्मनिर्भर भारत अभियान में साथ देने और अपने राज्यों में उत्पादन को बढ़ावा देने का आह्वान किया। पीएम ने कहा, "जब केंद्र और राज्य मिलकर काम करेंगे, तब विकसित भारत का सपना पूरा होगा।"