एनजीटी मेंबर ने बाड़मेर में पर्यावरणीय मुद्दों पर जोर दिया: जिला पर्यावरण योजना में तेजी लाने, खेजड़ी पेड़ बचाने और खनन प्रदूषण पर सख्ती की जरूरत
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के सदस्य डॉ. अफरोज अहमद ने बाड़मेर दौरा कर जिला पर्यावरण योजना पर तत्काल और व्यापक काम करने की जरूरत बताई। खेजड़ी पेड़ के पर्यावरणीय महत्व पर जोर देते हुए इसके संरक्षण की अपील की और कहा कि विकास व पर्यावरण साथ-साथ चल सकते हैं। सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने JSW व वेदांता की खनन गतिविधियों से होने वाले प्रदूषण, गंदे पानी से कृषि भूमि बंजर होने और लूणी नदी प्रदूषण के मुद्दे उठाए। ग्रीन बेल्ट, खनन क्लोजर प्लान और जन जागरूकता पर सख्ती की सलाह दी गई।
बाड़मेर (राजस्थान): राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के विशेषज्ञ सदस्य डॉ. अफरोज अहमद ने हाल ही में बाड़मेर जिले का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने जिला कलेक्ट्रेट के कॉन्फ्रेंस हॉल में अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कई मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। पूर्व सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने एनजीटी सदस्य के साथ अलग से मुलाकात कर खनन कंपनियों से जुड़े पर्यावरणीय प्रदूषण के गंभीर मामलों को उठाया।
खनन कंपनियों से प्रदूषण की शिकायतें उम्मेदाराम बेनीवाल ने वेदांता कंपनी के क्रूड ऑयल खनन और जेएसडब्ल्यू (JSW) कंपनी के लिग्नाइट कोयला खनन के दौरान निकलने वाले अपशिष्ट पदार्थों को भूमि में दबाने से होने वाली पर्यावरणीय क्षति की ओर ध्यान आकर्षित कराया। विशेष रूप से JSW की कोयला खनन प्रक्रिया में डी-वॉटरिंग से निकलने वाला गंदा पानी किसानों के खेतों में छोड़े जाने से कृषि भूमि बंजर हो रही है। इससे किसानों की आजीविका पर गंभीर असर पड़ रहा है। सांसद ने इस प्रदूषण पर तत्काल रोक लगाने और दोषी कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।इसके अलावा, जोधपुर, पाली और बालोतरा क्षेत्र की औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले रासायनिक अपशिष्ट जल के कारण लूणी नदी के प्रदूषित होने का मुद्दा भी उठाया गया। यह नदी क्षेत्र की जल संपदा और पर्यावरण के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन प्रदूषण से इसका अस्तित्व खतरे में है।एनजीटी सदस्य डॉ. अफरोज अहमद ने सांसद बेनीवाल की इन शिकायतों की सराहना की और कहा कि इन मुद्दों को राज्य सरकार के सामने उठाया जाएगा ताकि पर्यावरण संतुलन बनाए रखा जा सके।