‘पचपदरा रिफाइनरी आगजनी की निष्पक्ष जांच से बचने की कोशिश’: सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल बोले— IIT को अनुमति नहीं दी, क्या मामला लीपापोती का शिकार बनेगा?
रिफाइनरी में आग के बाद जांच पर उठे बड़े सवाल… क्या सच सामने आएगा या जिम्मेदारी दबा दी जाएगी?
राजस्थान के बाड़मेर जिले में स्थित देश की सबसे आधुनिक और हाईटेक परियोजनाओं में शामिल पचपदरा रिफाइनरी में आगजनी की घटना के बाद अब सियासी और प्रशासनिक हलकों में सवालों का तूफान खड़ा हो गया है। इस मामले में बाड़मेर सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने राज्य सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
सांसद बेनीवाल ने मुख्य सचिव के बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा कि घटना की जांच और निर्माण कार्य को लेकर दी गई जानकारी में विरोधाभास नजर आता है। मुख्य सचिव ने दावा किया था कि रिफाइनरी का निर्माण कार्य Larsen & Toubro (L&T) द्वारा किया गया है, जबकि सांसद के अनुसार संबंधित CDU-VDU यूनिट का निर्माण Tata Projects Limited ने किया है। उन्होंने इसे या तो “गंभीर अज्ञानता” या “जानबूझकर भ्रम फैलाने की कोशिश” बताया।
बेनीवाल ने यह भी सवाल उठाया कि IIT जोधपुर जैसी प्रतिष्ठित संस्था ने जब तकनीकी जांच में सहयोग की पेशकश की थी, तो उसे अनुमति क्यों नहीं दी गई। उनके अनुसार, इतनी बड़ी और संवेदनशील घटना की जांच केवल Hindustan Petroleum Corporation Limited (HPCL) के मैनेजमेंट को सौंप देना निष्पक्षता पर सवाल खड़ा करता है।