गिराल लिग्नाइट माइंस आंदोलन का 20वां दिन मजदूरों के समर्थन में डटे रविन्द्र सिंह भाटी, खून से लिखी मांगों ने बढ़ाई सरकार की चिंता!
बाड़मेर की गिराल लिग्नाइट माइंस में स्थानीय मजदूरों और ग्रामीणों के समर्थन में शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी के नेतृत्व में आंदोलन 20वें दिन भी जारी रहा। मजदूरों ने अपनी 22 सूत्रीय मांगों को लेकर खून से पत्र लिखा। आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में स्थानीय कर्मचारियों की बहाली, 8 घंटे कार्य समय, उचित मजदूरी और स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता शामिल है।
बाड़मेर की गिराल लिग्नाइट माइंस में स्थानीय मजदूरों और ग्रामीणों के समर्थन में चल रहा आंदोलन लगातार मजबूत होता जा रहा है। शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी के नेतृत्व में जारी यह धरना अब 20वें दिन में पहुंच चुका है। आंदोलन स्थल पर हर दिन बड़ी संख्या में मजदूर, ग्रामीण और युवा अपनी मांगों को लेकर जुट रहे हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि लंबे समय से स्थानीय लोगों के अधिकारों और रोजगार से जुड़े मुद्दों की अनदेखी की जा रही है।
खून से लिखा मांग पत्र बना चर्चा का विषय
धरने के दौरान मजदूरों ने अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए अलग तरीका अपनाया। श्रमिकों ने अपनी 22 सूत्रीय मांगों को लेकर खून से पत्र लिखकर प्रदेश के गृह मंत्री के समक्ष अपनी आवाज पहुंचाने का प्रयास किया। जैसे ही यह जानकारी सामने आई, प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब लगातार मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तब उन्हें अपनी पीड़ा दिखाने के लिए यह कदम उठाना पड़ा।