राजस्थान विधायक निधि भ्रष्टाचार मामला: बीजेपी विधायक रेवंतराम डांगा पर 40% कमीशन मांगने का आरोप, केंद्रीय मंत्री शेखावत से मिलकर रो पड़े
राजस्थान में दैनिक भास्कर के स्टिंग ऑपरेशन से खुलासा हुआ कि बीजेपी विधायक रेवंतराम डांगा सहित तीन विधायकों ने विधायक निधि के कार्यों की अनुशंसा के बदले कमीशन मांगा। डांगा ने 40% कमीशन की मांग की। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से मिलने पर डांगा को पछतावा हुआ और वे रो पड़े। सरकार ने तीनों विधायकों के फंड सीज कर दिए, सदाचार कमेटी जांच कर रही है और 6 जनवरी को पूछताछ होगी। शेखावत ने कहा कि इस मामले से पार्टी की छवि खराब हुई, लेकिन अब आंसुओं पर भी राजनीति हो रही है।
राजस्थान में विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास निधि (MLA LAD Fund) से जुड़े कार्यों की अनुशंसा के बदले कमीशन मांगने का एक बड़ा मामला सामने आया है। दैनिक भास्कर के स्टिंग ऑपरेशन ने 14 दिसंबर 2025 को इस भ्रष्टाचार का खुलासा किया, जिसमें तीन विधायकों के नाम शामिल हैं। इनमें भाजपा के खींवसर (नागौर) से विधायक रेवंतराम डांगा, कांग्रेस की हिंडौन (करौली) से विधायक अनीता जाटव और बयाना (भरतपुर) से निर्दलीय विधायक ऋतु बनावत शामिल हैं।
स्टिंग ऑपरेशन का तरीका और खुलासा दैनिक भास्कर के रिपोर्टर ने एक डमी फर्म का प्रोप्राइटर बनकर विधायकों से संपर्क किया। फर्म को खादी ग्रामोद्योग बोर्ड से संबद्ध बताते हुए कहा गया कि वह सरकारी स्कूलों में दरी-कारपेट (फर्श) सप्लाई करती है। विधायकों से विधायक निधि से कार्य अनुशंसा करवाने की बात की गई।विधायकों का फोकस कार्य की जरूरत या कीमत पर नहीं, बल्कि केवल कमीशन पर रहा।रेवंतराम डांगा ने 50 लाख रुपये के काम के बदले 40% कमीशन मांगा और कहा - "40% दो, 50 लाख का काम दूंगा"।अनीता जाटव ने 50 हजार रुपये लिए और 80 लाख का अनुशंसा पत्र दे दिया।ऋतु बनावत के पति ने 40 लाख रुपये की डील फाइनल की।डांगा और अनीता जाटव ने जिला परिषद के सीईओ के नाम अनुशंसा पत्र भी जारी कर दिए।राजस्थान में हर विधायक को सालाना 5 करोड़ रुपये MLA LAD फंड मिलता है, जो स्थानीय विकास कार्यों के लिए होता है।