राजस्थान में फिर बस हादसा! हाईटेंशन लाइन की चपेट में आई मजदूरों से भरी बस 2 की मौत, 12 की हालत गंभीर.
राजस्थान के मनोहरपुर में मजदूरों की बस हाईटेंशन तारों से टकराई – करंट दौड़ा, आग भड़की! 2 मजदूर जिंदा जले, 12 बुरी तरह झुलसे, 5 जयपुर रेफर। बस ऊंची, लाइन नीची – लापरवाही की आग में फिर जल उठे गरीब मजदूर!
जयपुर, 28 अक्टूबर 2025: राजस्थान एक बार फिर सड़क हादसों के काले अध्याय में एक नया पन्ना जोड़ चुका है। जयपुर जिले के मनोहरपुर इलाके में मंगलवार सुबह एक ऐसी घटना घटी, जो न केवल दिल दहला देने वाली है, बल्कि राज्य सरकार की सुरक्षा मानकों पर सवाल भी खड़े कर रही है। मजदूरों से खचाखच भरी एक निजी बस हाईटेंशन बिजली लाइन के तारों को छू गई, जिससे पूरे वाहन में करंट दौड़ गया और आग लग गई। इस भयानक हादसे में दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 12 अन्य बुरी तरह झुलस गए। गंभीर रूप से घायल पांच लोगों को जयपुर के बड़े अस्पतालों में रेफर किया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। यह घटना राज्य में बसों से जुड़े हादसों की बढ़ती संख्या को देखते हुए चिंताजनक संकेत दे रही है.
हादसे का पूरा विवरण: सुबह की शांति में मौत का तांडव
घटना जयपुर ग्रामीण के मनोहरपुर थाना क्षेत्र के टोडी रोड पर सुबह करीब 8 बजे हुई। टोडी स्थित एक ईंट भट्ठे पर काम करने वाले प्रवासी मजदूरों को लेकर बस आ रही थी। ये मजदूर मुख्य रूप से बिहार, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों से आए हुए थे, जो राजस्थान के ईंट भट्ठों पर दिहाड़ी मजदूरी करते हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बस की ऊंचाई हाईटेंशन लाइन से अधिक होने के कारण वाहन के ऊपरी हिस्से ने तारों को छुआ। इससे 11 केवी की हाई वोल्टेज लाइन का करंट बस के धातु बॉडी में फैल गया, जो चालक केबिन से लेकर पिछली सीट तक पहुंच गया।बस में सवार करीब 14-15 मजदूरों में अचानक अफरा-तफरी मच गई। चालक ने इमरजेंसी ब्रेक लगाने की कोशिश की, लेकिन करंट के झटके से वह खुद भी बेहोश हो गया। आग की लपटें फैलते ही मजदूर दरवाजे-खिड़कियों की ओर भागे, लेकिन कई फंस गए। स्थानीय ग्रामीणों ने हादसे की सूचना मिलते ही दौड़ लगाई और आग बुझाने के लिए बाल्टियां और मिट्टी का सहारा लिया। मनोहरपुर थाना पुलिस की टीम भी तुरंत मौके पर पहुंची और घायलों को निकालने का कार्य शुरू किया।पहले निकटवर्ती शाहपुरा उपजिला अस्पताल ले जाए गए घायलों में से दो को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है, लेकिन वे सभी 25-40 वर्ष के युवा मजदूर बताए जा रहे हैं। शेष 12 घायलों में से सात की हालत स्थानीय अस्पताल में स्थिर है, लेकिन पांच गंभीर रूप से झुलसे मजदूरों—जिनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं—को जयपुर के एसएमएस अस्पताल और बर्न यूनिट में भेजा गया। यहां उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट और एंटी-बर्न थेरेपी दी जा रही है। एक मरीज की हालत इतनी नाजुक है कि वेंटिलेटर पर रखा गया है।