आदिवासी मीणा महापंचायत ने मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन, निष्पक्ष SIT जांच और 'साजिश' के कोण की जांच की मांग
राजस्थान के आईजी किशन सहाय मीणा पर लगे दुष्कर्म के आरोपों के बाद आदिवासी मीणा महापंचायत ने इसे छवि धूमिल करने का षड्यंत्र बताया है। संगठन ने मुख्यमंत्री से एसआईटी (SIT) गठित कर पारदर्शी जांच की मांग की है।
जयपुर, 6 मई। राजस्थान पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और महानिरीक्षक (मानवाधिकार) श्री किशन सहाय मीणा के विरुद्ध हाल ही में दर्ज हुई प्राथमिकी (FIR) ने तूल पकड़ लिया है। इस मामले में 'आदिवासी मीणा पंच-पटेल महापंचायत' खुलकर अधिकारी के समर्थन में उतर आई है। महापंचायत ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर इस पूरे प्रकरण की विशेष जांच दल (SIT) से निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराने की मांग उठाई है।
शिकायत की प्रामाणिकता पर उठाए सवाल
महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. पुरुषोत्तम लाल मीणा ने ज्ञापन में बताया कि श्री किशन सहाय मीणा के विरुद्ध एक 53 वर्षीय महिला द्वारा डाक के माध्यम से भेजी गई शिकायत के आधार पर विवाह का झांसा देकर दुष्कर्म करने का मामला दर्ज किया गया है। संगठन ने इस प्रक्रिया पर संदेह व्यक्त करते हुए कहा कि जब शिकायत डाक से प्राप्त हुई है और पीड़िता ने अब तक व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर बयान दर्ज नहीं कराए हैं, तो इतनी जल्दबाजी में एफआईआर दर्ज करना और उन्हें एपीओ (APO) कर देना तर्कसंगत नहीं लगता।