पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा: राजस्थान की जनकल्याणकारी योजनाओं और प्रोजेक्ट्स को बंद करने पर जताई गहरी चिंता
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर राजस्थान में कांग्रेस सरकार की कई जनकल्याणकारी योजनाओं (जैसे राइट टू हेल्थ, इंदिरा रसोई, चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा, स्मार्टफोन योजना आदि) को बंद या कमजोर करने पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने चित्तौड़गढ़ रैली में दिए गए 'मोदी की गारंटी' की याद दिलाते हुए इन योजनाओं और विकास परियोजनाओं को मूल रूप में बहाल करने की मांग की है, साथ ही अजमेर दौरे के दौरान राज्य सरकार को निर्देश देने का आग्रह किया।
जयपुर, 25 फरवरी 2026: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 28 फरवरी को प्रस्तावित अजमेर दौरे से पहले उन्हें एक विस्तृत पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने प्रदेश की कई महत्वपूर्ण जनहितकारी योजनाओं और विकास परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति पर गहरी चिंता जताई है तथा इनके बंद या कमजोर होने पर रोष व्यक्त किया है।
गहलोत ने पत्र में 2 अक्टूबर 2023 को चित्तौड़गढ़ में दिए गए प्रधानमंत्री के उस वादे की याद दिलाई, जिसमें कहा गया था कि भाजपा सरकार बनने पर कांग्रेस की किसी भी जनहितकारी योजना को बंद नहीं किया जाएगा, बल्कि उन्हें और बेहतर बनाया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान राज्य सरकार ने इस वादे के ठीक उलट काम किया है। पिछले दो वर्षों में कई योजनाओं को बंद कर दिया गया है या बजट कटौती तथा शर्तों में बदलाव से उन्हें निष्प्रभावी बना दिया गया है, जिससे प्रदेश की जनता में असंतोष बढ़ा है।
पत्र में गहलोत ने प्रमुख योजनाओं और परियोजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी: