सबसे दुखद घटना बोला ग्राम पंचायत के सबरी नगर गांव में हुई, जहां तेज तूफान के दौरान दो अलग-अलग स्थानों पर कच्चे मकानों की दीवारें ढह गईं। हादसे में 8 वर्षीय खगेंद्र पुत्र शेराराम और 3 वर्षीय खुमानाराम पुत्र चनणाराम मलबे में दब गए।
परिजन और ग्रामीण तत्काल मौके पर पहुंचे और मलबा हटाकर बच्चों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। दोनों बच्चों को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। एक बच्चे का शव जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया।
रामसर में कमरा ढहा, पिता-पुत्र समेत कई घायल
रामसर उपखंड के कंटल का पार पाबूसरिया गांव में तेज आंधी के दौरान एक टीनशेड कमरा ढह गया। कमरे के अंदर मौजूद शैतानसिंह (40) और उनका चार वर्षीय बेटा रोहित मलबे में दब गए। हादसे के दौरान शैतानसिंह ने अपने बेटे को बचा लिया, लेकिन खुद गंभीर रूप से घायल हो गए।
वहीं, दूसरे घर में रहने वाली अनिता कंवर तूफान से बचने के लिए बाहर भाग रही थीं, तभी उनके सिर पर लोहे की एंगल गिर गई, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गईं। दोनों घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद बाड़मेर रेफर किया गया।
इसके अलावा टीनशेड गिरने से दो अन्य युवक भी घायल हुए हैं, जिनका उपचार जारी है।
तेज तूफान ने बदला मौसम का मिजाज
सोमवार को दिनभर उमस और गर्मी से लोग परेशान रहे। रात करीब 10 बजे अचानक मौसम ने करवट ली और तेज हवाओं के साथ तूफान शुरू हो गया। कुछ ही देर बाद बारिश भी शुरू हो गई।
करीब आधे घंटे तक हुई तेज बारिश से शहर और ग्रामीण इलाकों की सड़कों पर पानी भर गया। मौसम विभाग के अनुसार बाड़मेर में 25.4 एमएम वर्षा दर्ज की गई।
सैकड़ों बिजली पोल गिरे, कई गांवों में अंधेरा
तूफान का सबसे ज्यादा असर रामसर, चौहटन, गडरारोड, शिव और सीमा से सटे ग्रामीण क्षेत्रों में देखने को मिला। तेज हवाओं के कारण बड़ी संख्या में बिजली के पोल गिर गए और कई जगहों पर बिजली लाइनें टूट गईं।
गडरारोड से खलीफे की बावड़ी जाने वाले मार्ग पर बिजली लाइन सड़क पर गिर गई, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। कई गांवों में पूरी रात बिजली आपूर्ति बंद रही और लोग अंधेरे में रात बिताने को मजबूर हुए।
पेड़ उखड़े, टीनशेड उड़ गए
तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर बड़े-बड़े पेड़ उखड़ गए। चौहटन कस्बे में दुकानों के सामने लगे टीनशेड उड़ गए। कई जगह सड़कें मलबे और गिरे हुए पेड़ों से अवरुद्ध हो गईं, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ।
ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों ने रातभर अपने घरों और पशुओं को सुरक्षित रखने की कोशिश की। कई परिवारों को अस्थायी रूप से सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी।
प्रशासन और बिजली विभाग अलर्ट पर
तूफान के बाद प्रशासन और बिजली विभाग की टीमें राहत एवं पुनर्स्थापना कार्यों में जुट गई हैं। क्षतिग्रस्त बिजली लाइनों और पोलों को ठीक करने का काम जारी है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी प्रभावित गांवों में पहुंचकर हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी और बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।