क्या बिना पिता की मर्जी के विदेश जा सकता है बच्चा? जानिए पासपोर्ट नियमों पर राजस्थान हाईकोर्ट का फैसला
राजस्थान हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया है कि तलाकशुदा माता-पिता के आपसी विवाद के कारण किसी नाबालिग बच्चे का पासपोर्ट या विदेश में पढ़ाई का अधिकार नहीं रोका जा सकता। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बच्चे माता-पिता की संपत्ति नहीं हैं, इसलिए पिता की सहमति या हस्ताक्षर के बिना भी नियमों के तहत (ऐनेक्सर सी) शपथ पत्र लेकर नाबालिग का पासपोर्ट जारी किया जा सकता है।
राजस्थान हाईकोर्ट ने हाल ही में तलाकशुदा दंपतियों और उनके बच्चों के अधिकारों को लेकर एक बेहद अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि माता-पिता के बीच चल रहे विवाद के कारण किसी भी नाबालिग बच्चे को विदेश में पढ़ाई करने से नहीं रोका जा सकता। कोर्ट के अनुसार, पासपोर्ट बनाने के लिए हर स्थिति में पिता के हस्ताक्षर या सहमति अनिवार्य नहीं है।
पूरा मामला क्या है?
यह मामला एक 17 वर्षीय छात्र का है, जिसने 10वीं कक्षा में बेहतरीन अंक हासिल किए और आगे की पढ़ाई के लिए उसका चयन विदेश के एक संस्थान में हुआ।
-
पासपोर्ट विभाग का इनकार: जब छात्र ने पासपोर्ट के लिए आवेदन किया, तो प्राधिकरण ने पिता की सहमति और हस्ताक्षर न होने का हवाला देकर पासपोर्ट जारी करने से मना कर दिया।