मूसल से बारूद कूटते समय हुआ जोरदार धमाका, किसान की मौत; पत्नी-बेटी समेत 3 गंभीर
राजस्थान के बाड़मेर में जंगली सूअरों को भगाने के लिए लाए गए बारूद को मूसल से कूटते समय एक भयानक विस्फोट हो गया। इस दर्दनाक हादसे में किसान की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसकी पत्नी, बेटी और एक पड़ोसी गंभीर रूप से घायल हो गए जिन्हें जोधपुर रेफर किया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच कर रही है कि यह विस्फोटक सामग्री कहां से लाई गई थी
राजस्थान के बाड़मेर जिले से घटना सामने आई है। यहां जंगली सूअरों को भगाने के लिए बारूद को मूसल से कूटते समय एक भीषण धमाका हो गया। इस हादसे में एक किसान की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसकी पत्नी, बेटी और एक पड़ोसी गंभीर रूप से घायल हो गए। धमाका इतना जोरदार था कि कमरे में हर तरफ खून बिखर गया।
बारूद को छोटे टुकड़ों में बांटने के लिए उसे लोहे के मूसल से कूट रहे थे
यह घटना बाड़मेर जिले के नागाणा इलाके के बाटाडू खींपसर गांव की है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, किसान मानाराम खेतों में फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले जंगली सूअरों को भगाने के लिए खनन करने वालों से बारूद खरीदकर लाया था। दोपहर करीब 2 बजे घर के अंदर मानाराम, उसकी पत्नी केशीदेवी, बेटी भगवती और पड़ोसी राजूराम मौजूद थे। ये लोग बारूद को छोटे टुकड़ों में बांटने के लिए उसे लोहे के मूसल से कूट रहे थे, तभी अचानक बारूद में भयंकर विस्फोट हो गया।
धमाके में उड़े शरीर के चीथड़े
विस्फोट इतना भयानक था कि किसान मानाराम के शरीर के चीथड़े उड़ गए और उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं, पास बैठी पत्नी केशीदेवी के बाएं पैर का घुटना बुरी तरह फट गया। हादसे में 12 वर्षीय बेटी भगवती और 60 वर्षीय पड़ोसी राजूराम भी गंभीर रूप से घायल हो गए। धमाके की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग दौड़े आए और लहूलुहान घायलों को तुरंत बाटाडू अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने मानाराम को मृत घोषित कर दिया, जबकि अन्य तीनों घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए जोधपुर रेफर कर दिया गया है।