जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकी हमले ने एक बार फिर देश को झकझोर दिया है। इस हमले में जयपुर के मॉडल टाउन (मालवीय नगर) निवासी 33 वर्षीय नीरज उधवानी की जान चली गई। नीरज अपनी पत्नी आयुषी के साथ कश्मीर घूमने गए थे, जब आतंकियों ने उन पर हमला कर दिया। नीरज का शव बुधवार रात तक जयपुर लाया जाएगा, और उनका अंतिम संस्कार गुरुवार सुबह 9 बजे किया जाएगा। इस घटना ने नीरज के परिवार और पूरे जयपुर को गहरे सदमे में डाल दिया है।
नीरज उधवानी, जो दुबई में चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) के रूप में कार्यरत थे, अपनी पत्नी आयुषी के साथ किसी की शादी में शामिल होने शिमला गए थे। वहां से दो-तीन दिन का समय निकालकर वे कश्मीर घूमने निकले। मंगलवार, 22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकियों ने उन पर हमला कर दिया। नीरज की पत्नी आयुषी ने तुरंत अपने जेठ किशोर उधवानी को फोन कर बताया कि नीरज को गोली लगी है और सुरक्षा बलों ने उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया है। हालांकि, नीरज की स्थिति के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिली। इस कॉल के बाद परिवार में हड़कंप मच गया।
परिवार का दौड़भाग: दिल्ली से कश्मीर तक का सफर
किशोर उधवानी, जो नीरज के बड़े भाई और इनकम टैक्स इंस्पेक्टर हैं, ने तुरंत अपने परिवार के साथ दिल्ली के लिए उड़ान भरी। दिल्ली से तड़के कश्मीर पहुंचकर उन्होंने जानकारी जुटाई, जहां नीरज की मौत की पुष्टि हुई। किशोर ने यह दुखद खबर अपनी मां ज्योति उधवानी को दी। नीरज की मौत की खबर सुनते ही उनके मॉडल टाउन स्थित फॉरेस्ट व्यू रेजीडेंसी के घर में कोहराम मच गया। रिश्तेदारों और पड़ोसियों का तांता लग गया, और हर कोई नीरज की मां को सांत्वना देने में जुटा है।
नीरज का पारिवारिक और पेशेवर जीवन
नीरज का परिवार मूल रूप से जयपुर का रहने वाला है। उनके बड़े भाई किशोर और भाभी दोनों इनकम टैक्स इंस्पेक्टर हैं। नीरज ने अपनी मेहनत और लगन से दुबई में CA के रूप में अपनी पहचान बनाई थी। फरवरी 2023 में पुष्कर के भंवर सिंह पैलेस में उनकी शादी आयुषी से हुई थी। नीरज के चाचा दिनेश उधवानी ने बताया कि तीन महीने पहले मकर संक्रांति की छुट्टियों में नीरज जयपुर आए थे। 10 साल पहले नीरज के पिता प्रदीप उधवानी का निधन हो चुका है, और अब इस हादसे ने परिवार को और गहरा आघात पहुंचाया है।
मां का आक्रोश: आतंकियों को 'ऑन द स्पॉट' मारने की मांग
नीरज की मां ज्योति उधवानी का गुस्सा और दर्द उनकी बातों में साफ झलक रहा है। उन्होंने कहा, "सरकार यदि मेरे बच्चों को इंसाफ दिलाना चाहती है, तो इन आतंकवादियों को सभी के सामने ऑन द स्पॉट मार दे। ताकि किसी और मां की कोख कभी सूनी न हो। मेरे बच्चे ने कभी मच्छर तक नहीं मारा, फिर भी उसकी ऐसी निर्मम हत्या की गई। भगवान उन्हें कभी माफ नहीं करेगा। मेरा दर्द तब तक खत्म नहीं होगा, जब तक ये आतंकवादी मारे नहीं जाएंगे।"
जयपुर में शोक की लहर, अंतिम संस्कार की तैयारी
नीरज की मौत की खबर ने जयपुर में शोक की लहर पैदा कर दी है। मॉडल टाउन में उनके घर पर लोग ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं। नीरज का शव बुधवार रात तक जयपुर पहुंचने की उम्मीद है, और गुरुवार सुबह 9 बजे उनका अंतिम संस्कार होगा। परिवार और रिश्तेदार इस दुखद घड़ी में एक-दूसरे का सहारा बन रहे हैं।
आतंकवाद का काला साया
यह हमला एक बार फिर जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खतरे को उजागर करता है। नीरज जैसे मासूम नागरिक, जो केवल अपने परिवार के साथ खुशी के पल बिताने गए थे, आतंकी हिंसा का शिकार बन रहे हैं। नीरज की मां की मांग और उनका दर्द पूरे देश की भावनाओं को व्यक्त करता है। लोग अब सरकार से कठोर कार्रवाई और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदमों की उम्मीद कर रहे हैं।
इस दुखद घटना ने न केवल नीरज के परिवार, बल्कि पूरे देश को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर कब तक निर्दोष लोग आतंकवाद की भेंट चढ़ते रहेंगे।