हड़ताल की धमक में भी दौड़ रही सड़कों पर स्लीपर बसें जोधपुर के ऑपरेटर बोले- 'रोजी-रोटी का सवाल, हड़ताल तो बस नाम की!'
जोधपुर में ऑल इंडिया टूरिस्ट बस एसोसिएशन की हड़ताल के बावजूद स्लीपर बसें समेत निजी बसें चलती दिखीं। जैसलमेर-जोधपुर बस हादसे और जयपुर हादसे के बाद परिवहन विभाग की सख्ती से नाराज एसोसिएशन ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की। जोधपुर में बॉम्बे मोटर चौराहे पर बसें सवारियां भरकर निकल रही हैं। ऑपरेटर हड़ताल का समर्थन करते हैं, लेकिन कहते हैं - "रोजी-रोटी के लिए बसें चलानी पड़ रही हैं, वो भी लगभग खाली"। हड़ताल का मिला-जुला असर, यात्रियों को परेशानी।
जोधपुर, 31 अक्टूबर 2025: राजस्थान के परिवहन विभाग की सख्ती के खिलाफ ऑल इंडिया टूरिस्ट बस एसोसिएशन की हड़ताल आज सुबह से शुरू हो गई, लेकिन जोधपुर की सड़कों पर मिला-जुला नजारा देखने को मिला। एक ओर एसोसिएशन ने पूरे प्रदेश में स्लीपर बसों सहित निजी बसों का संचालन बंद करने का ऐलान किया, वहीं जोधपुर से जैसलमेर रूट पर स्लीपर बसें धड़ल्ले से चलती नजर आईं। बॉम्बे मोटर चौराहे के पास बाड़े से निकल रही इन बसों में सवारियां लदी हुई थीं, जबकि ऑपरेटर हड़ताल के समर्थन में हैं। उनका तर्क है- 'हड़ताल तो चल रही है, लेकिन रोजी-रोटी के लिए कुछ बसें तो चलानी पड़ रही हैं, वो भी लगभग खाली।'
हादसों की आग ने भड़काई हड़ताल की चिंगारी
यह हड़ताल अचानक नहीं भड़की। हाल ही में राजस्थान में हुए दो बड़े बस हादसों ने परिवहन विभाग को एक्शन मोड में ला दिया। 14 अक्टूबर को जैसलमेर से जोधपुर जा रही एक प्राइवेट एसी स्लीपर बस में दोपहर 3:30 बजे अचानक आग लग गई। इस हादसे में 19 लोग मौके पर ही जिंदा जल गए, जबकि एक ने रास्ते में दम तोड़ दिया। कुल 22 मौतें हो चुकी हैं और 6 लोग अभी भी जोधपुर के अस्पतालों में वेंटिलेटर पर जूझ रहे हैं। बस मालिक तुराब अली और ड्राइवर शौकत को गिरफ्तार कर लिया गया है। जांच में पता चला कि बस का परमिट एक्सपायर था और 40 बार ओवरलोड व हाईस्पीड के चालान कट चुके थे।इससे महज दो हफ्ते पहले, 28 अक्टूबर को जयपुर के मनोहरपुर इलाके में एक अन्य स्लीपर बस हाईटेंशन तारों से टकराई और भीषण आग लगने से 3 लोगों की मौत हो गई, 10 घायल हुए।इन हादसों के बाद विभाग ने राज्यव्यापी छापेमारी शुरू कर दी। बसों में अवैध संशोधन, ओवरलोडिंग, एक्सपायर्ड परमिट और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई हुई। जोधपुर में ही जैनम कोच क्राफ्टर्स परिसर से 66 बसें जब्त कर ली गईं, क्योंकि बॉडी बिल्डिंग के दौरान निर्धारित कोडों का पालन नहीं हुआ था। कई बसों के चालान काटे गए और कुछ को सीज कर दिया गया।