बीकानेर में खेजड़ी बचाओ महापड़ाव: बाजार बंद, स्कूलों में आधे दिन की छुट्टी, कलेक्ट्रेट पर बैरिकेड्स से रास्ता रोका
बीकानेर में आज 2 फरवरी 2026 को खेजड़ी बचाओ महापड़ाव चल रहा है। सोलर प्रोजेक्ट्स के नाम पर खेजड़ी पेड़ों की बड़े पैमाने पर कटाई के विरोध में बाजार बंद, स्कूलों में आधे दिन की छुट्टी, कलेक्ट्रेट पर बैरिकेड्स और अनिश्चितकालीन महापड़ाव। बिश्नोई समाज, पर्यावरण प्रेमी और जनप्रतिनिधि एकजुट होकर सख्त कानून की मांग कर रहे हैं।
बीकानेर, 2 फरवरी 2026: राजस्थान के राज्य वृक्ष खेजड़ी को बचाने के लिए आज बीकानेर में एक विशाल महापड़ाव और जन आंदोलन देखने को मिल रहा है। 'खेजड़ी बचाओ - प्रकृति बचाओ' के नारे के साथ पर्यावरण प्रेमी, बिश्नोई समाज, सर्व समाज और विभिन्न संगठन एकजुट होकर सड़कों पर उतरे हैं। यह आंदोलन मुख्य रूप से सोलर कंपनियों द्वारा बड़े पैमाने पर खेजड़ी के पेड़ों की अंधाधुंध कटाई के विरोध में है, जिससे मरुस्थलीय पर्यावरण और स्थानीय जीवन प्रभावित हो रहा है।
आंदोलन की वजह और पृष्ठभूमि
पश्चिमी राजस्थान, खासकर बीकानेर और आसपास के जिलों में सोलर पावर प्रोजेक्ट्स के नाम पर हजारों खेजड़ी के पेड़ काटे जा रहे हैं। आरोप है कि सोलर कंपनियां अक्सर रात के समय पेड़ काटकर उन्हें जमीन में दबा देती हैं, ताकि सबूत न रहे। खेजड़ी राजस्थान का राज्य वृक्ष है, जो रेगिस्तान में जीवनरेखा माना जाता है - यह लोगों को छाया, चारा, ईंधन और औषधि प्रदान करता है। बिश्नोई समाज की 1730 की खेजड़ली शहादत की परंपरा को याद करते हुए लोग इसे अपनी आस्था और संस्कृति से जोड़ते हैं।