नरेश मीणा झुंझुनूं में क्रिकेट टूर्नामेंट और शिवम गुढ़ा के जन्मदिन पर पहुंचे — मानवता के रिश्ते को बताया राजनीति से ऊपर
नरेश मीणा ने झुंझुनूं में राजस्थान सरकार पर तानाशाही और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया, कांग्रेस पर आदिवासी समाज के साथ अन्याय का इल्ज़ाम लगाते हुए युवाओं को क्रांति के लिए प्रेरित किया।
नरेश मीणा ने हाल ही में झुंझुनूं में एक क्रिकेट टूर्नामेंट और राजेंद्र गुढ़ा के बेटे शिवम गुढ़ा के जन्मदिन के अवसर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस दौरान उन्होंने गुढ़ा परिवार के प्रति व्यक्तिगत आभार व्यक्त किया। मीणा ने उस समय को याद किया जब वे टोंक जेल में एक आंदोलन के दौरान बंद थे, और राजेंद्र गुढ़ा बिना बुलाए उनसे मिलने पहुंचे थे। उन्होंने इसे राजनीति से परे मानवीय संवेदना का रिश्ता बताया।
राजस्थान सरकार पर भ्रष्टाचार और तानाशाही का आरोप
नरेश मीणा ने मौजूदा राजस्थान सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राज्य की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। सरकार केवल 'जी-हुजूरी' चाहती है और जनता की आवाज उठाने वाले नेताओं को झूठे मुकदमों में फंसाकर जेल भेजा जा रहा है। अपने अनुभव साझा करते हुए मीणा ने बताया कि वे स्वयं आठ महीने तक जेल में रहे, लेकिन उन्होंने कभी न तो हार मानी और न ही डर दिखाया। उन्होंने कहा, "सत्ता केवल उन लोगों की रक्षा करती है जो बंद कमरों में समझौते करते हैं।"
कांग्रेस पर आदिवासी समाज के साथ अन्याय का आरोप
कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधते हुए मीणा ने कहा कि उन्होंने सालों तक पार्टी के लिए मेहनत की, झंडे उठाए और इसे जीवित रखा, लेकिन 2018, 2023 और 2024 में उन्हें लगातार टिकट से वंचित रखा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने आदिवासी और मीणा समाज के साथ अन्याय किया, जो पार्टी का मजबूत आधार रहा है। मीणा ने दावा किया कि जब उन्होंने स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ा, तो कांग्रेस उम्मीदवार की जमानत जब्त हो गई, जो जनता का पार्टी को दिया गया करारा जवाब था।