राजस्थान के बांधों में 77.06% पानी, 24 घंटे में 4.34 एमसीएम की कमी

राजस्थान के बांधों में इस मानसून सीजन में पानी का भंडारण कुल क्षमता का 77.06 प्रतिशत तक पहुंच गया है, लेकिन पिछले 24 घंटों में बांधों में पानी का स्तर 4.34 मिलियन क्यूबिक मीटर (एमसीएम) कम हुआ है। जल संसाधन विभाग के अनुसार, हाल के दिनों में बारिश की कमी और कुछ बांधों से पानी की निकासी के कारण यह कमी दर्ज की गई। फिर भी, बांधों में पर्याप्त पानी भंडारण होने से अगले ग्रीष्मकाल में जल संकट की आशंका कम है।

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TEAM KHATAK Verified Media or Organization • 11 Jun, 2026 Editor
August 8, 2025 • 4:37 PM  28
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राजस्थान के बांधों में 77.06% पानी, 24 घंटे में 4.34 एमसीएम की कमी
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राजस्थान के बांधों में 77.06% पानी, 24 घंटे में 4.34 एमसीएम की कमी

बांधों में पानी की स्थिति

जल संसाधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, राजस्थान में 716 बांधों की कुल भंडारण क्षमता 12,608.29 एमसीएम है। वर्तमान में इनमें 9,717.86 एमसीएम पानी मौजूद है, जो कुल क्षमता का 77.06% है। पिछले साल इसी समय यह स्तर 72.79% था, जो इस वर्ष की स्थिति को बेहतर दर्शाता है। हालांकि, पिछले 24 घंटों में 4.34 एमसीएम पानी की कमी दर्ज की गई, जिसका कारण कुछ क्षेत्रों में बारिश का कम होना और खेती व पेयजल के लिए पानी की निकासी है।

प्रमुख बांधों का हाल

कई प्रमुख बांधों में पानी का स्तर संतोषजनक है। कोटा बैराज 98.41% और जवाहर सागर बांध 95.77% भरे हुए हैं, जिनके गेट अतिरिक्त पानी छोड़ने के लिए खोले गए हैं। जयसमंद बांध में 49% और महि बांध में 46.16% पानी है, जो मानसून की शुरुआत में क्रमशः 30% और 34% था। बीसलपुर बांध का जल स्तर भी बढ़कर 310.98 मीटर तक पहुंच गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 2.43 टीएमसी अधिक है।

जल प्रबंधन और चुनौतियां

जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मानसून के 45 दिन शेष होने के कारण बांधों में और पानी आने की संभावना है। हालांकि, कुछ क्षेत्रों में बारिश कम होने से बांधों में पानी का प्रवाह प्रभावित हुआ है। इसके अलावा, खेती और पेयजल की मांग को पूरा करने के लिए कई बांधों से नियंत्रित मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे भंडारण में कमी आई है। विभाग ने जिला प्रशासन को जल प्रबंधन और बांधों की निगरानी के लिए सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।

मानसून और भविष्य की संभावनाएं

इस वर्ष राजस्थान में जुलाई में 285 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो 69 वर्षों में सबसे अधिक है। यह पिछले रिकॉर्ड 308 मिमी (1956) से थोड़ा कम है। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून का दूसरा चरण कमजोर हो सकता है, लेकिन बांधों में मौजूदा जल स्तर अगले साल तक जल आपूर्ति के लिए पर्याप्त है। बीसलपुर, जवाई, और राणा प्रताप सागर जैसे बांधों में अच्छा भंडारण होने से जयपुर, पाली, और अन्य क्षेत्रों में पानी की कमी की आशंका कम है।

जनता के लिए राहत

पिछले साल गर्मियों में जवाई बांध में पानी की भारी कमी के कारण पाली और सिरोही में जल संकट देखा गया था। इस साल बांधों में पर्याप्त पानी होने से स्थानीय निवासियों को राहत मिली है। जल संसाधन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि बांधों से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए व्यापक योजना बनाई गई है ताकि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट न हो।

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