RPSC सदस्य बनने की 1.20 करोड़ की डील: कांग्रेस MLA हरीश चौधरी ने किरोड़ीलाल मीणा पर साधा निशाना, दोनों पक्षों का लाइव डिटेक्टर टेस्ट करवाने की मांग; RPSC-RSSB बोर्ड भंग करने की उठी पुकार
बाड़मेर में युवाओं ने RPSC और RSSB बोर्ड में भ्रष्टाचार, ओएमआर शीट घोटाले, पेपर लीक व फोर्थ क्लास भर्ती अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन किया। कांग्रेस MLA हरीश चौधरी ने पूर्व RPSC सदस्य बाबूलाल कटारा के 1.20 करोड़ की डील वाले बयान का हवाला देकर संबंधित व्यक्ति और कटारा का लाइव डिटेक्टर टेस्ट करवाने की मांग की। उन्होंने कैबिनेट मंत्री किरोड़ीलाल मीणा पर लालच छोड़कर बोर्ड भंग का प्रस्ताव रखने की अपील की तथा निर्दलीय विधायकों को आंदोलन में शामिल होने की सलाह दी। मुख्य मांगें: 2018 से 2025 तक की जांच सीबीआई से, बोर्ड तत्काल भंग।
बाड़मेर। राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) और राजस्थान अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (RSSB) से जुड़े घोटालों को लेकर बाड़मेर में युवाओं का आक्रोश फूट पड़ा है। युवा सड़कों पर उतर आए और ओएमआर शीट घोटाले, फोर्थ क्लास भर्ती परिणामों में धांधली, पेपर लीक तथा अन्य अनियमितताओं की सीबीआई जांच समेत RPSC और RSSB बोर्ड को तत्काल भंग करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं ने इस आंदोलन को खुला समर्थन देते हुए कलेक्ट्रेट के समक्ष धरना दिया।
प्रदर्शन के दौरान बायतु विधायक हरीश चौधरी ने तीखे हमले किए। उन्होंने RPSC के पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा (जो पेपर लीक मामले में जेल में बंद हैं) के बयान का हवाला देते हुए कहा कि कटारा ने जांच में स्वीकार किया है कि 1 करोड़ 20 लाख रुपये की डील के बदले किसी व्यक्ति को RPSC सदस्य बनाया गया था। हरीश चौधरी ने दावा किया कि कटारा ने जांच में वह नाम भी दर्ज करवाया है, जिसे डील दी गई, लेकिन दूसरा पक्ष (RPSC सदस्य) इनकार कर रहा है।