RTE एडमिशन के बाद अचानक बदला मामला… फीस की मांग से मचा हड़कंप, अब जांच पर सबकी नजरें!

जयपुर में RTE एडमिशन को लेकर ऐसा मामला सामने आया है जिसने शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वैशाली नगर स्थित एक निजी स्कूल पर आरोप है कि नियमों के तहत दाखिला मिलने के बावजूद छात्रा से फीस की मांग की गई और दबाव बनाया गया। मामला तब और उलझ गया जब स्कूल ने सरकारी भुगतान न मिलने का हवाला देते हुए अपना रुख सख्त कर लिया। अभिभावकों की लगातार शिकायतों और विभागीय चक्कर के बाद अब शिक्षा विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है। लेकिन असली सवाल यही है कि क्या RTE जैसे कानून के बावजूद स्कूलों की मनमानी पर रोक लग पाएगी या फिर यह मामला भी बाकी मामलों की तरह अधूरा रह जाएगा?

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TEAM KHATAK Verified Media or Organization • 11 Jun, 2026 Editor
April 19, 2026 • 4:18 PM  10
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RTE एडमिशन के बाद अचानक बदला मामला… फीस की मांग से मचा हड़कंप, अब जांच पर सबकी नजरें!
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RTE एडमिशन के बाद अचानक बदला मामला… फीस की मांग से मचा हड़कंप, अब जांच पर सबकी नजरें!

जयपुर में शिक्षा के अधिकार (RTE) कानून के तहत एडमिशन को लेकर एक गंभीर विवाद सामने आया है, जिसने निजी स्कूलों की कार्यप्रणाली पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला वैशाली नगर स्थित सन स्टार स्कूल से जुड़ा है, जहां एक छात्रा का RTE के तहत एडमिशन होने के बावजूद कथित तौर पर उससे फीस की मांग की गई और फीस जमा न करने पर स्कूल से नाम काटने की धमकी तक देने के आरोप लगे हैं।

जानकारी के अनुसार, सत्र 2025-26 के लिए छात्रा का RTE एक्ट के तहत चयन हुआ था और उसे नियमों के अनुसार निशुल्क शिक्षा मिलनी थी। लेकिन अभिभावकों का आरोप है कि एडमिशन के बाद भी स्कूल प्रशासन लगातार फीस जमा करने का दबाव बनाता रहा। इस दौरान परिजनों ने कई बार स्कूल और शिक्षा विभाग के चक्कर लगाए, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका।

स्थिति तब और गंभीर हो गई जब स्कूल प्रबंधन की ओर से स्पष्ट रूप से कहा गया कि जब तक सरकार की ओर से पुनर्भरण राशि (reimbursement) का भुगतान नहीं होता, तब तक वे छात्रा को निशुल्क शिक्षा देने के लिए बाध्य नहीं हैं। स्कूल का कहना है कि यदि छात्रा को वहीं पढ़ना है तो पूरी फीस जमा करनी होगी, अन्यथा उसे किसी अन्य स्कूल में प्रवेश लेना चाहिए।

TEAM KHATAK Verified Media or Organization • 11 Jun, 2026 Editor

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