रुचि गुर्जर बोलीं- सम्मान आंखों और व्यवहार का होता है, घूंघट का नहीं: मां-भाभी का भी हटवाया पर्दा, कहा- मुगलों के समय से आई प्रथा
कांस फिल्म फेस्टिवल 2026 में घूंघट के साथ रेड कारपेट पर पहुंचीं मॉडल और अभिनेत्री रुचि गुर्जर ने जयपुर में कहा कि घूंघट प्रथा भारतीय संस्कृति का हिस्सा नहीं है, बल्कि मुगलों के समय से आई प्रथा है। उन्होंने महिलाओं की स्वतंत्रता और घूंघट प्रथा खत्म करने की जरूरत पर खुलकर अपनी बात रखी।
कांस फिल्म फेस्टिवल 2026 में अपने अनोखे अंदाज को लेकर चर्चा में रहीं राजस्थान की मॉडल और अभिनेत्री रुचि गुर्जर एक बार फिर सुर्खियों में हैं। जयपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान रुचि ने घूंघट प्रथा को लेकर खुलकर अपनी राय रखी और कहा कि यह भारतीय संस्कृति का मूल हिस्सा नहीं है।उन्होंने कहा कि पर्दा प्रथा या घूंघट मुगलों के समय से आया और उससे पहले भारतीय संस्कृति या देवी-देवताओं की परंपराओं में इसका कोई उल्लेख नहीं मिलता।
“घूंघट सम्मान नहीं, महिलाओं पर दबाव है”
रुचि गुर्जर ने कहा कि राजस्थान के कई ग्रामीण इलाकों में आज भी महिलाओं को जबरन घूंघट करने के लिए मजबूर किया जाता है। उन्होंने कहा “सम्मान आंखों और व्यवहार में होता है, घूंघट में नहीं। महिलाओं को खुलकर जीने और अपनी जिंदगी अपने तरीके से जीने का अधिकार मिलना चाहिए।” रुचि ने बताया कि उन्होंने इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंच कांस फिल्म फेस्टिवल पर इसलिए उठाया ताकि दुनिया भी जाने कि भारत के कुछ हिस्सों में आज भी महिलाएं ऐसी सामाजिक कुरीतियों का सामना कर रही हैं।