बीकानेर: गोल्ड लोन में धोखाधड़ी का मामला, SBI की दाऊजी रोड ब्रांच ने ग्राहक और स्वर्णकार के खिलाफ दर्ज कराई FIR

बीकानेर की SBI दाऊजी रोड ब्रांच से श्रीकांत चांवरिया ने कम वजन का सोना गिरवी रखकर और फर्जी मूल्यांकन प्रमाण-पत्र दिखाकर गोल्ड लोन लिया। स्वर्णकार संजय सोनी ने फर्जी सर्टिफिकेट दिया। बैंक को लाखों का चूना लगा। ब्रांच मैनेजर मनप्रीत सिंह की शिकायत पर पुलिस ने दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी व जालसाजी की FIR दर्ज कर जांच शुरू की।

Mohit Parihar
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
November 20, 2025 • 1:01 PM  16
क्राइम
NEWS CARD
Logo
बीकानेर: गोल्ड लोन में धोखाधड़ी का मामला, SBI की दाऊजी रोड ब्रांच ने ग्राहक और स्वर्णकार के खिलाफ दर्ज कराई FIR
“बीकानेर: गोल्ड लोन में धोखाधड़ी का मामला, SBI की दाऊजी रोड ब्रांच ने ग्राहक और स्वर्णकार के खिलाफ दर्ज कराई FIR”
Favicon
Read more on thekhatak.com
20 Nov 2025
https://thekhatak.com/sbi-bikaner--gold-loan-fraud-fir-against-customer-goldsmith
Google News
Copied
बीकानेर: गोल्ड लोन में धोखाधड़ी का मामला, SBI की दाऊजी रोड ब्रांच ने ग्राहक और स्वर्णकार के खिलाफ दर्ज कराई FIR

बीकानेर 20 नवंबर 2025: स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की दाऊजी रोड ब्रांच में एक बड़ा धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। बैंक ने गोल्ड लोन स्कीम के तहत फर्जी दस्तावेजों और कम वजन का सोना गिरवी रखकर लाखों रुपये हड़पने वाले एक ग्राहक और सोने की माप-तौल करने वाले स्वर्णकार के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दोनों आरोपीों की तलाश में छापेमारी शुरू कर दी है। यह घटना न केवल बैंकिंग क्षेत्र में विश्वास की कमी को उजागर करती है, बल्कि ग्राहकों और वित्तीय संस्थानों के बीच पारदर्शिता की आवश्यकता पर भी जोर देती है।

घटना का पूरा विवरण;  बैंक के अनुसार, यह धोखाधड़ी पाबू बारी इलाके के अंबेडकर चौक निवासी श्रीकांत चांवरिया ने की। श्रीकांत ने कुछ महीनों पहले SBI की दाऊजी रोड ब्रांच से गोल्ड लोन की सुविधा ली थी। गोल्ड लोन स्कीम के तहत, ग्राहक अपने सोने के गहनों या सिक्कों को गिरवी रखकर तत्काल नकदी प्राप्त कर सकते हैं। इस स्कीम में सोने का वजन, शुद्धता और मूल्यांकन प्रमाणित दस्तावेजों के आधार पर लोन की राशि तय की जाती है।श्रीकांत ने बैंक को बताया कि उसके पास एक निश्चित मात्रा का सोना है, जिसके आधार पर उसने लगभग लोन लिया। लेकिन जांच के दौरान पता चला कि श्रीकांत ने जितना सोना बताया था, उसका वास्तविक वजन उससे काफी कम था। साथ ही, सोने के मूल्यांकन के कागजात पूरी तरह फर्जी थे। ये दस्तावेज न केवल बैंक को गुमराह करने के लिए तैयार किए गए थे, बल्कि वे किसी विश्वसनीय स्रोत से जारी भी नहीं थे।इस धोखाधड़ी में मुख्य भूमिका निभाने वाला दूसरा आरोपी संजय सोनी है, जो एक स्वर्णकार (गोल्डस्मिथ) है। संजय सोनी ने सोने के वजन और मूल्य का प्रमाण-पत्र जारी किया था, जो पूरी तरह झूठा साबित हुआ। संजय ने श्रीकांत के साथ मिलकर इस साजिश को अंजाम दिया, ताकि बैंक से अधिक राशि का लोन हासिल किया जा सके। बैंक अधिकारियों ने बताया कि स्वर्णकार की भूमिका इस मामले में अत्यंत महत्वपूर्ण थी, क्योंकि लोन स्वीकृति से पहले सोने की जांच और प्रमाणीकरण अनिवार्य होता है।

बैंक की शिकायत और पुलिस कार्रवाई;   SBI दाऊजी रोड ब्रांच के मैनेजर मनप्रीत सिंह ने इसकी शिकायत स्थानीय पुलिस थाने में दर्ज कराई। शिकायत में विस्तार से बताया गया कि कैसे फर्जी दस्तावेजों के जरिए ग्राहक ने बैंक को ठगा। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 420 (धोखाधड़ी), 467 (जालसाजी), 468 (जालसाजी का दुरुपयोग) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है।पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच शुरू कर दी। दोनों आरोपियों के घरों और कार्यस्थलों पर छापेमारी की गई है। श्रीकांत चांवरिया और संजय सोनी के मोबाइल फोन, बैंक खातों और अन्य वित्तीय लेन-देन की जांच की जा रही है। पुलिस का मानना है कि यह अकेला मामला नहीं हो सकता, बल्कि इससे जुड़ी एक बड़ी साजिश भी हो सकती है। इसलिए, अन्य ब्रांचों में भी इसी तरह के लोन की जांच के आदेश दिए गए हैं।

Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.

Digital Archives

home Home amp_stories Web Stories local_fire_department Trending play_circle Videos mark_email_unread Newsletter